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दुर्गा पूजा पर प्रणब ने स्वच्छता अभियान के लिए लोगों को किया प्रेरित

दुर्गा पूजा पर प्रणब ने स्वच्छता अभियान के लिए लोगों को किया प्रेरित

राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लोगों से स्वच्छता अभियान के लिए संकल्प लेने का सोमवार को आवहान किया। राष्‍ट्रपति पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला स्थित अपने पैतृक स्थान किरणाहार में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।मुखर्जी ने इससे पहले दिन में श्लोक पढ़े और मां दुर्गा की पूजा की। मुखर्जी इंटेंसिव खादी एवं ग्रामीण विकास केंद्र की ओर से आयोजित निर्मल बीरभूम और मिशन निर्मल बांग्ला कार्यक्रम में बोल रहे थे।
केंद्र सरकार ने कर्मचारी संघों को चेताया, नीतियों की आलोचना पर होगी कार्रवाई

केंद्र सरकार ने कर्मचारी संघों को चेताया, नीतियों की आलोचना पर होगी कार्रवाई

केंद्र सरकार ने अपने ही कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार, होम लोन होगा सस्ता, रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत कटौती की

कार, होम लोन होगा सस्ता, रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत कटौती की

रिजर्व बैंक के नये गवर्नर उर्जित पटेल के नेतृत्व में हुई पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में आज नीतिगत ब्याज दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की बहुप्रतीक्षित कटौती कर दी गई। नवगठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के तहत हुई इस पहली समीक्षा में समिति के सभी छह सदस्य दरों में कटौती के पक्ष में रहे। इस कटौती के बाद आरबीआई की रेपो दर 6.25 प्रतिशत रह गयी है जो पिछले छह साल का इसका न्यूनतम स्तर है।
वित्तीय बाजार 2008 के बाद नीति नियामकों के काबू से बाहर निकल गए: सेबी प्रमुख

वित्तीय बाजार 2008 के बाद नीति नियामकों के काबू से बाहर निकल गए: सेबी प्रमुख

वैश्विक स्तर पर वित्तीय बाजार नियामकों के बीच बेहतर संयोजन पर जोर देते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन यू के सिन्हा ने आज कहा कि 2008 के ऋण संकट के बाद दुनिया में गैर परंपरागत मौद्रिक नीतियों से बाजार नीति निर्माताओं के नियंत्रण से बाहर हो गए हैं।
प्रचंड ने की मोदी से मुलाकात, दोनों पक्षों में हुए तीन अहम समझौते

प्रचंड ने की मोदी से मुलाकात, दोनों पक्षों में हुए तीन अहम समझौते

भारत यात्रा पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पड़ोसी देश के राजनीतिक परिवर्तन से गुजरने के बीच भारत ने वहां सभी वर्गों की आकांक्षाओं को समावेशित कर देश के संविधान के क्रियान्वयन की वकालत की और इस हिमालयी राष्ट्र में चीन द्वारा अपने पैर जमाने की कोशिशों के बीच उसे सभी संभव सहायता का आश्वासन दिया।
गुटनिरपेक्ष सम्मेलन में मोदी के नहीं शामिल होने पर सवाल उठाना गलत: अंसारी

गुटनिरपेक्ष सम्मेलन में मोदी के नहीं शामिल होने पर सवाल उठाना गलत: अंसारी

गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी को तवज्जो नहीं देते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि भारत की विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्रियों का सम्मेलन नहीं है और जो बात मायने रखती है, वह यह है कि भागीदारी की जाए।
'बदबू गुजरात की' लेने के लिए मोदी और बच्चन को आमंत्रित करेंगे दलित

'बदबू गुजरात की' लेने के लिए मोदी और बच्चन को आमंत्रित करेंगे दलित

ऊना में मारपीट की घटना का विरोध कर रहे दलितों ने गुजरात पर्यटन विभाग की पहल ‘खुशबू गुजरात की’ के जवाब में बदबू गुजरात की नाम से एक पोस्टकार्ड अभियान चलाने का फैसला किया है। खुशबू गुजरात की में अमिताभ बच्चन प्रचार करते हुए नजर आते हैं।
अब जनता भी पद्म पुरस्कारों की कर सकेगी अनुशंसा

अब जनता भी पद्म पुरस्कारों की कर सकेगी अनुशंसा

केंद्र सरकार जनता को एक और अधिकार देने जा रही है। जनता को अब पद्म पुरस्कारों के लिए किसी भी हस्ती और लब्धप्रतिष्ठ के नाम की सिफारिश करने का अधिकार मिलने वाला है। संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहली बार जनता को ये अधिकार मिल रहा है।
प्रचंड के भारत दौरे से नेपाल की चीन नीति में `यू-टर्न’ के आसार

प्रचंड के भारत दौरे से नेपाल की चीन नीति में `यू-टर्न’ के आसार

दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद पुष्प कुमार दहल प्रचंड 15 सितंबर से तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर भारत आ रहे हैं। भारत और नेपाल के संबंधों को लेकर प्रचंड का एजेंडा कितना सकारात्मक होगा- यह सवाल राजनयिक और राजनीतिक गलियारों में शिद्दत से चक्कर काट रहा है। प्रचंड के पूर्ववर्ती के.पी. शर्मा ओली का चीन के प्रति झुकाव जगजाहिर रहा है। इस कारण नेपाल में भारत के प्रति दुर्भावना बढ़ी है। ऐसे में प्रचंड की प्राथमिक चुनौती भारत के साथ संबंधों की नीतियां दुरुस्त करना होगी।
'सरकार की आलोचना पर देशद्रोह या मानहानि का आरोप नहीं लगाया जा सकता'

'सरकार की आलोचना पर देशद्रोह या मानहानि का आरोप नहीं लगाया जा सकता'

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि सरकार की आलोचना करने पर किसी पर देशद्रोह या मानहानि के मामले नहीं लगाए जा सकते। जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने कहा, 'यदि कोई सरकार की आलोचना करने के लिए बयान दे रहा है तो वह देशद्रोह या मानहानि के कानून के तहत अपराध नहीं लाया जा सकता। हमने स्पष्ट किया है कि आईपीसी की धारा 124 (ए) को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पहले के एक फैसले के अनुसार कुछ दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।'
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