मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत के बाद से जारी हिंसक विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब हिंसक प्रदर्शन मालवा क्षेत्र के अन्य जिलों में भी फैलने लगा है। अब शाजापुर-सीहोर में आंदोलनकारी उग्र हो गए जिसके चलते पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। वहीं रायसेन तहसील के देगांव थाना क्षेत्र में किसान ने सल्फास की गोली खाकर की आत्महत्या कर ली।
मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग और किसानों के मुद्दों को लेकर प्रधान मंत्री मोदी ने बैठक ली है। सूत्रों के अनुसार देश के कई हिस्सों में किसानों का प्रदर्शन और मंदसौर में हुई फायरिंग पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई। वहीं मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन के हालात को लेकर सीएम शिवराज सिंह ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को फोनकर जानकारी दी है।
राजस्थान के भाजपा विधायक ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना की है। विधायक ने कहा कि एक भी किसान ऐसा नहीं है जिस पर कर्ज न हो। किसान अपने दूध सड़क पर फेंक रहा है। बेरोजगारी बढ़ रही है।
आज दलित समुदाय हर दृष्टि से चौराहे पर खड़ा है। कई दशक बाद दलित राजनीति लगभग हाशिए पर पंहुच गई है। दलित जन प्रतिनिधियों से दलित समुदाय एकदम निराश है। वे समुदाय पर होने वाले अत्याचार के मसलों पर कुछ नहीं बोलते हैं। अब दलित समाज में उन्हें खुले मंचों से पूना पैक्ट की खरपतवार कहना शुरू कर दिया है।
फसलों के उचित दाम और कर्ज माफी जैसे मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में किसान आंदोलन उग्र होता जा रहा है। आंदोलन में फूट डालने की भाजपा सरकार की कोशिशें बेअसर होती दिख रही हैं।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार अब मायावती की बहुजन समाज पार्टी को मूर्तियों के मंच पर टक्कर देगी। हाल के विधानसभा चुनावों में मायावती के पाले से बसपा के कई नेताओं और गैर-जाटव वोट बैंक को तोड़कर भाजपा ने अपने लिए एक नया जनाधार कायम किया था। लेकिन अब शायद उसे लगता है कि दलित गौरव के नाम पर बने आंबेडकर पार्कों और स्मारकों की भी सोशल इंजीनियरिंग जरूरी है। सो, अब योगी सरकार इन पार्कों में अति पिछड़े समाज और ऊंची जाति के महानायकों की भी मूर्तियां लगाएगी।
महाराष्ट्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाने वाले किसानों के आंदोलन का असर आज दूसरे दिन भी बरकरार है। कर्ज माफी की मांग को लेकर किसान गुरुवार से हड़ताल पर हैं। राज्य में किसान आंदोलन में जारी हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। किसानों ने बुलडाणा में दूध से होली भी खेली।
साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत को आजकल कई लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध का कारण कुछ और नहीं बल्कि रजनी के राजनीति में आने की खबरों को लेकर है। एक स्थानीय संगठन तमिलर मुन्नेत्र पडाई (टीएमपी) ने उनके खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है।