पाकिस्तान ने कहा है कि सभी दया याचिकाओं के निपटारे तक भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दी जाएगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने एक बयान में यह बात कही है।
कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अशतार औश्तार औसाफ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में आठ जून को होने वाली सुनवाई में कानूनी पक्ष रखेंगे तथा आईसीजे प्रेसीडेंट से मुलाकात करेंगे। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कोर्ट से कार्यवाहक जज की मांग कर सकता है।
भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का फैसला आने के बाद कई सवाल भी उठने लगे हैं। एक तरफ जहां भारत इसे अपनी रणनीतिक जीत की तरह देख रहा है तो वहीं पाकिस्तान के द्वारा इस फैसले को मानने अथवा नहीं मानने पर भी संशय जारी है। ऐसे में उन घटनाओं की ओर ध्यान जाना लाजिमी है जब अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय अदालत के निर्णयों को अमल नहीं किया।
कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की अंतरिम रोक को मानने से पाकिस्तान ने इंंकार कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय का कहना है देश के अंदरुनी मामलों में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) दखल नहीं दे सकती। यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। जाधव को जासूसी करने के आरोप में पाकिस्तान द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में कई बड़े नेताओं पर साज़िश का मुकदमा चलाने का निर्णय दिया है। न्यायालय के इस आदेश के बाद अब भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह समेत 13 नेताओं पर साज़िश की धारा में मुकदमा चलाया जाएगा।
एक ऐतिहासिक फैसले में उच्चतम न्यायालय ने 24 हफ्ते की एक गर्भवती महिला को गर्भपात कराने की इजाजत दी। महिला बलात्कार पीड़िता है और असामान्य भ्रूण के कारण उसने अदालत से गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी।