भारत के निर्वाचन आयोग ने देश के राजनैतिक दलों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक करने की चुनौती दी है। आयोग ने कहा है कि 3 जून से दलों को हैक करने का समय दिया जाएगा।
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत जल्द ही राजनीति के पायदान पर कदम रख सकते हैं। इस तरह के संकेत कहीं और से नहीं बल्कि रजनी द्वारा अपने फैन्स को दिए जा रहे बयानों से साफ नजर आया। रजनी ने न सिर्फ राजनीति में ही आने की बात नहीं की बल्कि द्रमुक एवं अन्नाद्रमुक की बजाय किसी अन्य पक्ष के साथ गरीबों की राजनीति करने की बात कही।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के घर पर हुई छापेमारी की निंदा की है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार बदले की भावना के चलते यह कार्रवाई कर रही है।
जीवन भर अपने राजनीतिक फैसलों से लोगों को चौंकाते रहे मुलायम सिंह यादव को उनके भाई शिवपाल यादव ने अपने सेक्युलर मोर्चे का मुखिया बनाने का ऐलान किया है। यह शिवपाल के साथ-साथ मुलायम सिंह यादव केे राजनीतिक कौशल और साख का बड़ा इम्तेहान होगा।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे के समय भोजन कराने वाली नक्सलबाड़ी निवासी गीता और उसके पति राजू ने आज तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। हालांकि, भाजपा ने इस मामले में टीएमसी पर आदिवासी दंपती का अपहरण कर जबरन पार्टी में शामिल किए जाने का आरोप लगाया है।
आखिर दिल्ली महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह भाजपा में शामिल हो गई। महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अजय माकन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
यूपी विधानसभा में करारी हार झेल रही बसपा सुप्रीमो मायावती को आगामी दिनों में और झटके लग सकते हैं। मीडिया में खबर है कि लोकसभा और विधानसभा में पार्टी को मिली हार से खिजियाए कुछ असंतुष्ट नेता 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के मौके पर एक अलग राजनीतिक मंच बना सकते हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी चित्रकार बौआ देवी द्वारा बनाए गए कमल के एक फूल में रंग भरने के बाद राजनीतिक अटकलों :भाजपा और जदयू के एकबार फिर करीब आने: का बाजार गर्म होने को लेकर हंसे।
राजनीतिक दलों पर बेनामी नकद चंदे की सीमा 20,000 रुपये से घटा कर 2,000 तक सीमित करने के बाद सरकार ऐसा कानूनी संशोधन करने जा रही है जिसके तहत उन्हें हर साल दिसंबर तक आय का विवरण विभाग में दाखिल करना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने उन्हें मिली कर छूट खत्म हो जाएगी।