जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक पर पश्चिम बंगाल के ताजे रुख ने राजनीतिक दांवपेंच फिर शुरू होने की आशंका पैदा कर दी है। राज्य सरकार का यह कदम उसके अपने वित्त मंत्री के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है, क्योंकि जीएसटी पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता उन्हीं के पास है। वित्त मंत्रियों की समिति का अध्यक्ष होने के नाते वह ऐसे राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसने खुद यह विधेयक पारित नहीं किया। वैसे पश्चिम बंगाल के इस कदम को केंद्र के साथ सौदेबाजी की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
विजय रूपानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली ने रूपानी के अलावा डिप्टी सीएम नितिन पटेल को भी शपथ दिलाई। इसके अलावा 8 कैबिनेट और 16 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। गृह मंत्री रहीं रजनी पटेल की कैबिनेट से छुट्टी हुई है। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे।
विभाजनकारी राजनीति करने को लेकर राजग नीत केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साेमवार को अल्पसंख्यक समुदाय से इसके जाल में नहीं फंसने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़े संयुक्त परिवार की तरह है जहां कई धर्मों के लोग दशकों से भाइयों के रूप में रहते आ रहे हैं।
महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी शिवसेना मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के कैबिनेट विस्तार से अलग रही। शिवसेना का कोई नेता शपथ ग्रहण समारोह में शरीक नहीं हुआ। शिवसेना ने दो मंत्रियों को सहित एक और कैबिनेट मंत्री की मांंग की थी। पीएम माेदी ने संभावित सूची में एक मंत्री पद शिवसेना के लिए रखा था। और कैबिनेट मंत्री की मांग ठुकरा दी। बस नाराज शिवसेना ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया। शिवसेना और भाजपा के बीच अलगाव की एक और वजह बृहन्मुंबई महानगरपालिका और उसका भारी भरकम बजट भी है।
कांग्रेस से अलग हुए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता अजीत जोगी ने अगले आम चुनावों से पहले तीसरा मोर्चा बनने पर ममता बनर्जी और नीतीश कुमार के साथ इसमें खुद के शामिल होने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में कभी वापस नहीं जाएंगे। रमन मुक्त छत्तीसगढ़ उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नीतीश और ममता ने उन्हें फोन कर कांग्रेस छोड़कर नयी पार्टी बनाने के फैसले पर बधाई दी।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की कमान दोबारा संभाल ली है। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ पार्टी के 41 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन 41 मंत्रियों में 17 नए चेहरे हैं। ममता बनर्जी को राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने शपथ दिलाई।