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सोशल मीडिया में अर्नब की खिंचाई, पीएम माेदी के इंटरव्‍यू से अहम मसलेे रहे गायब

सोशल मीडिया में अर्नब की खिंचाई, पीएम माेदी के इंटरव्‍यू से अहम मसलेे रहे गायब

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारतीय मीडिया को इंटरव्यू दिया। जिस पर सोशल मीडिया में चर्चा जारी है। अधिकांश लोगों की राय है कि ज्‍वलंत मसलों पर टाइम्‍स नाउ के अर्नब गोस्‍वामी ने पीएम मोदी को अटैैक नहीं किया। लिहाजा यह इंटरव्‍यू भी एक खानापूर्ति ही साबि‍त होकर रह गया।
पहली बार किसी पीएम ने निजी चैनल को दिया इंटरव्यूह

पहली बार किसी पीएम ने निजी चैनल को दिया इंटरव्यूह

पहली बार देश के किसी प्रधानमंत्री ने निजी टेलीविजन चैनल को अपना साक्षात्कार दिया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का निजी टेलीविजन चैनल को दिया गया पहला साक्षात्कार टाइम्स नाउ पर प्रसारित होगा।
बाबा रामदेव ने खट्टर को कहा योगी सीएम

बाबा रामदेव ने खट्टर को कहा योगी सीएम

पंचकूला में चल रहे तीन दिन के योग प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी बाबा रामदेव के इशारों पर दाएं-बाएं घूमे। यानी उन्होंने भी योग की बारीकियां सीखीं। तीन दिन का प्रशिक्षण शिविर 21 जून को की पूर्व तैयारी है।
जाट आरक्षण आंदोलन: दूसरे दिन भी जारी, पर फीका रहा असर

जाट आरक्षण आंदोलन: दूसरे दिन भी जारी, पर फीका रहा असर

हरियाणा में सोमवार को भी आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन जारी रहा। राज्य में विभिन्न स्थानों पर ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एआईजेएएसएस) से जुड़े जाट नेताओं ने दूसरे दिन भी धरना दिया लेकिन उसमें लोगों की उपस्थिति कम ही रही।
हरियाणा के 8 जिलों में धारा 144 लागू, अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियां तैनात

हरियाणा के 8 जिलों में धारा 144 लागू, अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियां तैनात

हरियाणा में जाट आंदोलन से निपटने के लिए प्रशासन इस बार काफी सतर्क है। प्रशासन ने राज्‍य के संवेदनशील 8 जिलों में धारा 144 लागूू कर दी है। दिल्ली से सटे सोनीपत में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। पिछली बार की हिंसा से सबक लेते हुए खट्टर सरकार ने राज्य में अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियां तैनात की हैं।
पठानकोट हमला: एनआईए प्रमुख के बयान पर छिड़ा विवाद

पठानकोट हमला: एनआईए प्रमुख के बयान पर छिड़ा विवाद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख शरद कुमार के एक बयान पर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद पैदा हो गया है। एनआईए प्रमुख ने कथित तौर बयान दिया था कि पठानकोट हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद की मदद में पाकिस्तान सरकार या इसकी किसी एजेंसी का कोई हाथ नहीं है।
पांच जून से हरियाणा में जाट आंदोलन की चेतावनी, खट्टर सरकार हाई कोर्ट जाएगी

पांच जून से हरियाणा में जाट आंदोलन की चेतावनी, खट्टर सरकार हाई कोर्ट जाएगी

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एबीजेएएसएस) ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए पांच जून से हरियाणा में फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य के 8 जिलों में धारा 144 लगाई गई है। आंदोलन को रोकने के लिए खट्टर सरकार हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करेगी।
जाट आंदोलन से बड़ी मोदी की चेतावनी, इस बार ऐसा कुछ न हो

जाट आंदोलन से बड़ी मोदी की चेतावनी, इस बार ऐसा कुछ न हो

हरियाणा में गुरुवार को एक बार फिर सतर्कता बढ़ी दी गई क्योंकि जाटों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनके आरक्षण के मुद्दे को हल नहीं किया गया तो वे फिर आंदोलन की राह पकडेंगे। जाटों ने सरकार को इसके लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था जो समय सीमा आज रात समाप्त हो रही है। लेकिन इससे भी बड़ी चेतावनी प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात करने के बाद प्रशासन को दी है कि इस बार जाट आंदोलन के नाम पर ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचे। संवेदनशील जिलों में पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल सतर्क हैं तथा वे विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च कर रहे हैं।
किसी दबाव में नहीं आउंगी : ममता

किसी दबाव में नहीं आउंगी : ममता

‘पोरिबोर्तोन’ (बदलाब) का जो नारा लेकर ममता बनर्जी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंची थीं, वही नारा अब विपक्षी वाममोर्चा और कांग्रेस के लिए धारदार हथियार बनने लगा है। ऐसे में सवाल उठता है कि वे आगे क्या लाइन लेंगी? पेश है ममता बनर्जी से दीपक रस्तोगी की कुछ समय पूर्व हुई बातचीत के प्रमुख अंश:
चर्चा : अपने हाथ क्यों जलाएं ?। आलोक मेहता

चर्चा : अपने हाथ क्यों जलाएं ?। आलोक मेहता

विरोध, प्रदर्शन, आंदोलन, लोकतंत्र में अनुचित नहीं माने जाते। लेकिन अपने खेत-खलिहान-घर-आंगन को सुरक्षित रखने के साथ मासूम बच्चों के स्कूलों, बीमार और घायलों का उपचार करने वाले अस्पतालों, गांव से कस्बों तक पहंुचाने वाली बसों अथवा जानमाल की सुरक्षा के लिए बनाए गए थानों को आग लगाने के बजाय सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी तो समाज की है।