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कश्मीरी नौजवानों ने हादसे में घायल सेना के जवान की जान बचाई

कश्मीरी नौजवानों ने हादसे में घायल सेना के जवान की जान बचाई

कश्मीर में पिछले कई दिनों से आम लोगों और सेना के बीच जारी झड़पों के बीच आज दिल छू लेने वाली घटना सामने आई। रविवार को श्रीनगर में सेना के एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें एक जवान फंस गया। जवान को जख्मी हलत में फंसा देख वहां मौजूद कश्मीरी युवकों ने उस जवान की जान बचाई।
सुधारों पर बीसीसीआई के रुख से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कल देगा आदेश

सुधारों पर बीसीसीआई के रुख से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कल देगा आदेश

देश में क्रिकेट के सुधार के लिए न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति के निर्देशों को लागू करने में बागी तेवर अपनाने और राज्य संगठनों को जल्दबाजी में करीब 400 करोड़ रूपये बांटने को लेकर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को आज उच्चतम न्यायालय की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
भारत का बड़ा फैसला, सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे मोदी

भारत का बड़ा फैसला, सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे मोदी

उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रिय सहयोग के लिए होने वाले इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे।
सपा संकट: शिवपाल ने अखिलेश के करीबी सात नेताओं को पार्टी से निकाला

सपा संकट: शिवपाल ने अखिलेश के करीबी सात नेताओं को पार्टी से निकाला

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी के तीन विधान परिषद सदस्यों और तीन युवा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों समेत सात नेताओं को आज पार्टी से निष्कासित कर दिया। निकाले गए सभी नेता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं।
अल्पसंख्यकों की ‘नई मंजिल योजना’ का हाल, आवंटन के बावजूद धनराशि जारी नहीं हुई

अल्पसंख्यकों की ‘नई मंजिल योजना’ का हाल, आवंटन के बावजूद धनराशि जारी नहीं हुई

अल्पसंख्यक युवाओं की शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में समग्र पहल नई मंजिल योजना को शुरू हुए एक वर्ष से अधिक समय गुजर गया है लेकिन चालू वित्त वर्ष में वित्तीय आवंटन किए जाने के बावजूद अब तक कोई धनराशि जारी नहीं की गई है।
प्रचंड ने की मोदी से मुलाकात, दोनों पक्षों में हुए तीन अहम समझौते

प्रचंड ने की मोदी से मुलाकात, दोनों पक्षों में हुए तीन अहम समझौते

भारत यात्रा पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पड़ोसी देश के राजनीतिक परिवर्तन से गुजरने के बीच भारत ने वहां सभी वर्गों की आकांक्षाओं को समावेशित कर देश के संविधान के क्रियान्वयन की वकालत की और इस हिमालयी राष्ट्र में चीन द्वारा अपने पैर जमाने की कोशिशों के बीच उसे सभी संभव सहायता का आश्वासन दिया।
आपसी सहयोग बढ़ाने का एजेंडा लेकर भारत पहुंचे प्रचंड

आपसी सहयोग बढ़ाने का एजेंडा लेकर भारत पहुंचे प्रचंड

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर गुरुवार को भारत पहुंचे। उनकी इस तीन दिवसीय यात्रा का मकसद भारत और नेपाल के संबंधों में आई कड़वाहट को दूर करने के साथ ही भूकंप के बाद पुनर्निर्माण, पनबिजली परियोजनाएं और सड़क निर्माण के लिए भारत से मदद मांगना है।
नेपाली पीएम दहल चीन के बजाए भारत पहले आ रहे, अंदाज भी है नरम

नेपाली पीएम दहल चीन के बजाए भारत पहले आ रहे, अंदाज भी है नरम

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्‍प कमल दहल प्रचंड अगस्त में पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन की जगह भारत को चुना। प्रचंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 15 से 18 सितंबर तक भारत के दौरे पर होंगे। प्रचंड का अंदाज भी पहले के मुकाबले नरम है। लिहाजा यह यात्रा भारत-नेपाल संबंधों को लेकर काफी महत्‍वपूर्ण होगी।
संविधान संशोधन हमारा आंतरिक मामला : नेपाली विदेश मंत्री

संविधान संशोधन हमारा आंतरिक मामला : नेपाली विदेश मंत्री

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की भारत यात्रा से पहले आज नेपाल ने साफ कर दिया है कि संविधान संशोधन का मुद्दा नेपाल का आंतरिक मामला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को पूर्व में उपजे नाकेबंदी जैसे मसलों पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
प्रचंड के भारत दौरे से नेपाल की चीन नीति में `यू-टर्न’ के आसार

प्रचंड के भारत दौरे से नेपाल की चीन नीति में `यू-टर्न’ के आसार

दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद पुष्प कुमार दहल प्रचंड 15 सितंबर से तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर भारत आ रहे हैं। भारत और नेपाल के संबंधों को लेकर प्रचंड का एजेंडा कितना सकारात्मक होगा- यह सवाल राजनयिक और राजनीतिक गलियारों में शिद्दत से चक्कर काट रहा है। प्रचंड के पूर्ववर्ती के.पी. शर्मा ओली का चीन के प्रति झुकाव जगजाहिर रहा है। इस कारण नेपाल में भारत के प्रति दुर्भावना बढ़ी है। ऐसे में प्रचंड की प्राथमिक चुनौती भारत के साथ संबंधों की नीतियां दुरुस्त करना होगी।
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