जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, तब से गाय माता अचानक से लाइम लाइट में आ गई हैं। पर्यावरण मंत्रालय गाय पर एक दिवसीय कार्यक्रम कर रहा है। राजस्थान में भी गाय पर कार्यक्रम हो रहा है।
संसद और उसके बाहर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने के बाद भाजपा ने अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राॅबर्ट वाड्रा पर बंदूकें तान दी हैं।
अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में मोदी सरकार और कांग्रेस पर बरसते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री में सोनिया गांधी को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं है और दोनों पार्टियों की भ्रष्टाचार में मिलीभगत है।
विवादास्पद अगस्ता वेस्टलैंड सौदे को लेकर पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए रक्षा मंत्राी मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को कहा कि तत्कालीन कांग्रेस नीत सरकार ने अगस्तावेस्टलैंड को हेलीकाप्टर का ठेका देने के लिए हर तरह की रियायत दी और पूर्व वायु सेना प्रमुख एस पी त्यागी, गौतम खेतान तो बहती गंगा में हाथ धोने वाले छोटे नाम है, हम बड़े नामों का पता लगा रहे हैं जिन्होंने रिश्वत ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के चेन्नई स्थित ठिकानों और कंपनियों पर छापे मारे।
गाय को पवित्र कब से माना गया और क्यों माना गया, यह व्यापक विवाद और विमर्श का विषय है। इस बात पर भी भयंकर मतभेद है कि प्राचीन सभ्यताएं गोमांस को स्वीकृति देती थीं और भारत के आदिकालीन निवासी अपने खान-पान में उसे शामिल करते थे। आर्ष ग्रंथों में आई उन बातों को भी अब कोई नहीं सुनता है कि किसी जमाने में गौमेध यज्ञ भी हुआ करते थे। अब जब गाय को पवित्र मान कर उसे मां का दर्जा दे ही दिया गया है और उसे आस्था की वस्तु बनाकर आलोचना से परे रख दिया गया है तो उस पर बहस की कोई गुंजाईश रही ही कहां है। अब तो ‘वन्दे धेनुमातरम‘ और ‘जय गोमाता‘ कहो, गोकथा कराओ, गोदूध महोत्सव मनाओ, गोशाला चलाओ, गोमंदिर बनाओ, गोकुल धाम निर्मित करो और गोअनुसंधान एवं गोरक्षा के नाम पर तरह-तरह के संगठन और सेनाएं बनाकर जमकर हंगामा मचाओ। आज गाय के नाम पर सब कुछ जायज है क्योंकि गाय हमारी माता है, गाय की रक्षा करना हमारा धर्म है, यह पुण्य का काम है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को राहत देते हुए हरियाणा की भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ आरोपपत्र हटा दिया जिसमें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उनपर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने का आरोप लगाया था क्योंकि खेमका ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाडा के स्वामित्व वाली एक कंपनी और रियल्टी कंपनी डीएलएफ के बीच एक भूमि सौदे का दाखिल खारिज रद्द कर दिया था।