संसद का शुक्रवार का दिन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया शीतकालीन सत्र नोटबंदी के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया तथा एक माह तक चले इस सत्र में गतिरोध के कारण विशेष विधायी कामकाज नहीं होने पर दोनों सदनों में आसन की ओर से चिंता जताई गई।
नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में बृहस्पतिवार को भी गतिरोध कायम रहा तथा विपक्ष के हंगामे के बीच इस पर चर्चा को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। हालांकि हंगामे के बीच लोकसभा में आम बजट से जुड़ी अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कर दिया गया।
नोटबंदी पर राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। मनमोहन सिंह ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम से लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि नोटबंदी लंबे समय में फायदा देगी उन्हें अपने बयान वापस लेना चाहिए क्योंकि उस लंबे समय में हम सब मर चुके होंगे। मनमोहन ने कहा कि नोटबंदी लागू करने में कुप्रंबधन देखने को मिला है। इससे देश की जीडीपी ग्रोथ 2 प्रतिशत तक कम होगी। मनमोहन सिंह जब बोल रहे थे तब पीएम मोदी का चेहरा थोड़ा लटका हुआ दिख रहा था।
विपक्ष पर नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा से भागने के कारण गढ़ने का आरोप लगाते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस कदम की आलोचना करने पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर चुटकी ली और कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि वह इससे अप्रसन्न हैं क्योंकि अधिकांश कालाधन उनके शासनकाल में ही पैदा हुआ था। नोटबंदी से जीडीपी वृद्धि में 2 प्रतिशत गिरावट आने की सिंह की दलील को सिरे से खारिज करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम का मध्यम से दीर्घकालिक तौर पर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि छाया अर्थव्यवस्था का धन मुख्यधारा में आ जायेगा।
कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दल बड़े नोटों को अमान्य करने के सरकार के निर्णय के खिलाफ कल लोकसभा में कार्यस्थगन का प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। इस निर्णय से देश भर में लोगों को हो रही परेशानियों को मुद्दा बनाते हुए विपक्ष की सरकार को जबर्दस्त तरीके से घेरने की योजना है।
कल से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पार्टी ने आज बैठक कर अपनी रणनीति पर चर्चा की। संभावना है कि पार्टी विमुद्रीकरण तथा अन्य मुद्दों को लेकर दोनों सदनों में सरकार को जबर्दस्त तरीके से घेरेगी।
संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार से अारंभ हो रहा है। संसद में गहमागहमी रहेगी यह तय है। सत्र से पहले नोटबंदी के अलावा सरकार के एक और फैसले ने चौंका दिया है। सत्र प्रारंभ होने से पहले लोकसभा सचिवालय ने मीडियाकर्मियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक मीडियाकर्मियों से कहा गया है कि संसद परिसर में मंत्रियों और सांसदों के अलावा किसी अन्य नेताओं के इंटरव्यू नहीं लिए जाएंगे।
आगामी 16 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले लोगों की असुविधा का कारण बने नोटबंदी सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की संयुक्त रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस और सात अन्य विपक्षी पार्टियों ने आज बैठक की।
संसद के 16 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में जीएसटी से जुड़े तीन विधेयकों और किराये की कोख के नियमन संबंधी विधेयक सहित नौ नये विधेयक पेश किये जाएंगे। संसद में पेश होने वाले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े तीन विधेयकों में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विधेयक, समन्वित वस्तु एवं सेवा कर विधेयक और वस्तु एवं सेवा कर (राजस्व के नुकसान का मुआवजा) विधेयक शामिल हैं।