जीएसटी के सुचारू कार्यान्वयन के लिए 18 क्षेत्रीय (सेक्टरल) समूहों का गठन किया गया। इस समूह में अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टर (क्षेत्रों) के प्रतिनिधित्व के लिए केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को रखा गया है।
अतिक्रमण जैसी गतिविधियों को मंजूरी देकर लोगों के जीने के अधिकार को जोखिम में नहीं डाला जा सकता क्योंकि इससे साफ सफाई व मच्छरों जैसी दिक्कतें पैदा होंगी।
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को लेकर मोदी सरकार को नसीहत दी है। स्वामी ने इसकी तुलना वॉटरलू के युद्ध से की है। उन्होंने मोदी सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अभी के आर्थिक हालात को देखते हुए जीएसटी लागू करना खतरनाक साबित हो सकता है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन का मानना है कि मोदी सरकार ने तीन साल में देश को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है और सुधारों की दिशा में बड़े कदम बढ़ाए हैं। सार्वजनिक संसाधनों के आवंटन में भ्रष्टाचार पर अंकुश और जैम व्यवस्था को वे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियां मानते हैं। लेकिन यह भी स्वीकार करते हैं कि तेज आर्थिक वृद्धि दर के बावजूद रोजगार के मौकों की रफ्तार धीमी है। उन्होंने अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति और केंद्र सरकार के तीन साल के कामकाज से जुड़े कई अहम मु्द्दों पर आउटलुक के संपादक हरवीर सिंह से बेबाक बातचीत की। कुछ अंश:
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने स्वीकार किया कि वह अभी शत-प्रतिशत फिटनेस हासिल करने के करीब नहीं पहुंचे हैं और आस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में क्षेत्ररक्षण करते समय उनके कंधे की चोट बढ़ सकती है।
पाकिस्तान की सेना भारत को असंतुलित करने और कश्मीर विवाद पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मध्यस्थ बनाने की कोशिश के तहत भारत पर हमला करने वाले आतंकवादी संगठनों की लगातार मदद कर रही है।
लश्कर-ए-तैयबा पर नकेल कसते हुए अमेरिका ने आज पाकिस्तान आधारित इस आतंकी समूह की छात्र इकाई अल-मुहम्मदिया स्टूडेंट्स को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया और इसके दो शीर्ष नेताओं पर प्रतिबंध लगाया।
शनिवार को मानवाधिकार दिवस के मौके पर दुनिया भर के कई लेखकों ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पत्र लिखा है। मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर भेजे गए पत्र में लेखकों ने राष्ट्रपति से इसे तत्काल रोकने की अपील की है।
500 और 1000 रुपए की नोटबंदी के बाद छपे नए नोटों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के देखने की दिशा में बदलाव हुआ है। पुराने नोटों में बापू जहां वाम दिशा की ओर देख रहे हैं वहीं नए नोटों में बापू की नजर दक्षिण दिशा की ओर है। यह कहा जा सकता है कि नए नोटों में बापू वाम से दक्षिणमुखी हो गए हैं।