नोटबंदी को लेकर केंद्र पर कई बार निशाना साधने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज इस कदम को आम आदमी से लूट बताया और भाजपा से पूर्व प्रधानमंत्राी मनमोहन सिंह की बात को गंभीरता से लेने को कहा क्योंकि वह जाने माने अर्थशास्त्री हैं।
केंद्र के नोटबंदी के कदम पर हमलावर होते हुए शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि इससे वास्तविक काला धन तो बाहर नहीं आया बल्कि सरकार भूख, महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने में कामयाब जरूर हो गई।
नोटबंदी के फैसले से आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर भाजपा को जहां अपनी ही सहयोगी शिवसेना के हमलों का सामना करना पड़ रहा है वहीं अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी मोदी सरकार पर तंज कसा है।
मोदी सरकार की प्रमुख सहयोगी शिवसेना आज कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के उस बयान की हिमायत में उतरी जिसमें आजाद ने नोटबंदी पर भाजपा पर हमला करते हुए विमुद्रीकरण से होने वाली मौतों की तुलना उड़ी आतंकवादी हमले में मरने वालों से की थी।
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में चल रही कलह से बन रहे राजनीतिक हालात के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज अपने गुजरात दौरे को बीच में ही छोड़कर दिल्ली वापस लौट आए।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना द्वारा करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल का प्रदर्शन करने वाले मल्टीप्लेक्सों में तोड़फोड़ की धमकी देने के बाद आज फिल्म को निर्माताओं ने मुंबई के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की।
पाकिस्तानी कलाकार की वजह से फिल्म ऐ दिल है मुश्किल की रिलीज को लेकर विरोध का सामना कर रहे फिल्म निर्देशक करण जौहर ने आज कहा कि वह भविष्य में पाक कलाकारों को नहीं लेंगे और उन्होंने भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि फिल्म के प्रदर्शन में अवरोध नहीं डाला जाए।
पब्लिसिटी स्टंट तो सभी को अच्छा लगता है। लेकिन इस स्टंट को लेकर तो करण जौहर भी घबरा गए हैं। उनकी फिल्म ऐ दिल है मुश्किल में पाकिस्तान के फवाद खान हैं। मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने उड़ी में आतंकवादी हमले के बाद कह दिया है कि पाकिस्तान के कलाकार भारत छोड़ दे। 48 घंटे में भारत छोड़ने की उनकी मियाद अब खत्म होने को है।
महाराष्ट्र में मराठा समाज के लोगों द्वारा राज्य भर में निकाले जा रहे मौन जुलूस को लेकर राकांपा प्रमुख शरद पवार पर हमला बोलते हुए शिवसेना ने मगंलवार को उनसे पूछा कि जब उनकी पार्टी राज्य और केंद्र में सत्ता में थी तो उसने समाज की मांगों को पूरा करने के लिए क्यों कुछ नहीं किया।