अश्विन ने कहा, जिस समय हम क्रीज पर उतरे उस समय हमारी टीम की हालत अच्छी नहीं थी और यह बहुत अच्छी पिच नहीं थी। ऐसी पूरी संभावना थी कि आप कभी भी चकमा खा सकते थे या आपके सामने किसी भी समय एक अच्छी गेंद आ सकती है। यहां रन बनाना आसान नहीं था।
16 साल तक की भूख हड़ताल के बाद भी मणिपुर की लौह महिला इरोम शर्मिला की अच्छी सेहत का राज उनकी इच्छाशक्ति और योगाभ्यास है। इस भूख हड़ताल के दौरान उन्हें नाक से जबरन तरल भोजन दिया जाता था। शर्मिला के सहयोगियों और उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार, शर्मिला ने 1998 में योग सीखा था। इसके दो साल बाद वह भूख हड़ताल पर बैठ गई थीं। यह भूख हड़ताल मंगलवार को खत्म हो गई।
मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने 16 साल बाद मंगलवार को रोते हुए अपनी भूख हड़ताल खत्म की। इस अवसर पर बेहद भावुक इरोम ने कहा कि अब वह अपने संघर्ष की रणनीति में बदलाव करते हुए राजनीति में उतरना चाहती हैं।
कश्मीर घाटी में हिंसा की वजह से पिछले कई दिनों से जारी कर्फ्यू शनिवार को हटा लिया गया। हालांकि श्रीनगर, अनंतनाग और पाम्पोर के कुछ हिस्सों में अभी भी कर्फ्यू जारी है। अलगाववादी समर्थित हड़ताल के कारण घाटी में जनजीवन अब भी अस्त-व्यस्त है।
मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) की आड़ में सेना के कथित अत्याचारों के खिलाफ पिछले 16 सालों से अनशन पर रहकर विरोध कर रहीं इरोम शर्मिला अपना अनशन खत्म करेंगी। उन्होंने अपना विरोध जारी रखते हुए अगले साल राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के लिए भाजपा ने कुछ नहींं किया। कश्मीर घाटी से भाग कर आए पंडित जम्मू में पिछले कुछ दिनों से राहत और पुनर्वास आयुक्त के दफ्तर पर धरना दे रहे हैं। धरने पर वो प्रशासन के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी विरोधी नारे भी लगा रहे हैं।
पाकिस्तान के पेशावर में एक सैनिक स्कूल पर किए गए आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड उमर मंसूर अफगानिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। पेशावर स्थित स्कूल पर वर्ष 2014 में हुए हमले में 140 से ज्यादा छात्रों की मौत हो गई थी।
तेलंगाना के आंदोलनरत न्यायाधीशों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए राज्य की विभिन्न अदालतों और न्यायिक विभागों में काम करने वाले करीब 8,000 कर्मी शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इससे राज्य की अदालतों का कामकाज ठप पड़ गया और मुकदमों में उलझे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।