जीएसटी के मेगा लाॉन्चच इवेंट का बहिष्कार करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘एक राष्ट्र, एक कर’ प्रणाली के लागू होने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि ये आजादी और लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने जीएसटी को लेकर कहा है कि आज आधी रात के बाद एक बार फिर से देश में इंस्पेक्टर राज की वापसी हो जाएगी। उन्हेंने इसे स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली लागू होने से मात्र 60 घंटे पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रणाली को बड़ी भूल बताया। उन्होंने कहा कि वह जीएसटी को लेकर बहुत चिंतित हैं। खासकर इसको लागू करने के तौरतरीकों को लेकर।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने में सिर्फ 2 सप्ताह का ही समय बचा है। ऐसे में उद्योग संगठन ने इसे फिलहाल टालने की मांग की है। एसोचैम का कहना है कि नई कर प्रणाली के लिए अभी होमवर्क पूरा नहीं हुआ है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार के बैंक खाता खोलने के लिए आधार अनिवार्य करने करने को लेकर निशाना साधा है। केंद्र सरकार ने आज बैंक खाता खोलने और 50 हजार से ऊपर की लेन-देन के लिए आधार अनिवार्य करने का फैसला दिया है।
पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। 65 पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखकर देश में बढ़ रहे ‘उग्र-राष्ट्रवाद’ को बंद कराने की अपील की है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर नोटबंदी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। ममता ने कहा कि देशभर के किसानों के सामने जो आर्थिक संकट पैदा हुए हैं, उसके लिए नोटबंदी जिम्मेदार है।
देश में आए दिन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और गैंगरेप की घटनाएं सुनने और पढ़ने को मिलती है। एक ऐसी ही घटना कर्नाटक की है, जहां गैंगरेप का शिकार हुई एक दलित छात्रा ने इंसाफ की गुहार लगाई है। इस संबंध में पीड़िता ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा है।
दिल्ली के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। दिलचस्प है कि यह पत्र उस समय आया है जब आम आदमी पार्टी यह आरोप लगा रही है कि उपराज्यपाल सभी को दरकिनार करते हुए सरकार के हटाए गए पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा से जल्दी जल्दी मिल रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री से नहीं। इस मौके पर पत्र लिखने से राजनैतिक हलचलें जरूर तेज हो गई हैं। उधर, उपराज्यपाल दफ्तर ने सफाई दी है कि मुख्यमंत्री को अगले सप्ताह बुधवार को मिलने का समय दिया गया है।