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रीढ़ की हड्डी की मरम्मत के लिए अहम प्रोटीन का पता चला

रीढ़ की हड्डी की मरम्मत के लिए अहम प्रोटीन का पता चला

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्रोटीन का पता लगाया है जो मनुष्यों में रीढ़ की हड्डी की चोट से उबरने में अहम साबित हो सकता है और नष्ट हुए उत्तकों की मरम्मत की चिकित्सकीय पद्धति के लिए अहम हो सकता है।
मेडिकल कालेज में नहीं थी एंबुलेंस, एएमयू के प्रोफेसर की गई जान

मेडिकल कालेज में नहीं थी एंबुलेंस, एएमयू के प्रोफेसर की गई जान

उत्तर प्रदेश की चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था का हाल बेहाल है। यहां कमजाेेर तबके के अलावा अन्‍य वर्गों के लोगों को भी बदहाल चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था का शिकार होना पड़ता है। ताजा वाकया है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का, जहां के एक प्राेफेसर की समय पर एंबुलेंस नहीं मिलनेे पर मौत हो गई।
एमसीआई को खत्म करना ही समाधान मान लिया गया है : डॉ जयश्री मेहता

एमसीआई को खत्म करना ही समाधान मान लिया गया है : डॉ जयश्री मेहता

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई)को समाप्‍त कर उसकी जगह नेशनल मेडिकल कमीशन लाने का प्रस्ताव नीति आयोग ने दिया है।ऐसे संभावित बदलाव पर आउटलुक ने एमसीआई की अध्यक्ष डॉ जयश्री मेहता से कुछ अहम बिंदुओं पर बातचीत की। इस दौरान मेहता का कहना था कि हम मेडिकल की पढ़ाई के स्‍तर को बेहतर करना चाहते हैं। इसी वजह से हम नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं। पर लोग कहते हैं कि जिद्दी रवैया अख्तियार कर रहे हैं। अगर ऐसा न करके ढिलाई बरतें तो कहते हैं कि एमसीआई चोर है।
उत्‍तर पुस्तिका में फिल्मों के नाम व कविताएं लिखी थी बिहार की टाॅपर रूबी राय

उत्‍तर पुस्तिका में फिल्मों के नाम व कविताएं लिखी थी बिहार की टाॅपर रूबी राय

बिहार की बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाली रूबी राय ने आंसरशीट में सिर्फ फिल्मों के नाम लिखे थे। उसने एक अन्य उत्तरपुस्तिका में कवि तुलसीदास का नाम 100 से भी ज़्यादा बार लिख आई थी। कुछ अन्य में रूबी ने कविताएं लिखी थीं। इन उत्तरपुस्तिकाओं को बाद में 'विशेषज्ञों' द्वारा लिखी हुई उत्तरपुस्तिकाओं से बदल दिया गया था।
जापान के ओहसुमी को कोशिकाओं के पुनर्चक्रण पर नोबेल चिकित्सा पुरस्कार

जापान के ओहसुमी को कोशिकाओं के पुनर्चक्रण पर नोबेल चिकित्सा पुरस्कार

जापान के योशिनोरी ओहसुमी ने सोमवार को आॅटोफैगी से संबंधित अपने काम के लिए इस साल का नोबल चिकित्सा पुरस्कार जीता। आॅटोफैगी एक एेसी प्रक्रिया है, जिसमें कोशिकाएं खुद को खा जाती हैं और उन्हें बाधित करने पर पार्किंसन एवं मधुमेह जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
आसाराम होना चाहते हैं जवान, नर्स के गाल लगते हैं उन्‍हें कश्‍मीरी सेब जैसे

आसाराम होना चाहते हैं जवान, नर्स के गाल लगते हैं उन्‍हें कश्‍मीरी सेब जैसे

नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में जोधपुर की जेल में बंद आसाराम अब भी नहीं सुधर रहे हैं। मीडिया की रिपोर्ट के अनुुसार हाल ही में मेडिकल चेकअप के लिए आसाराम को जोधपुर से दिल्ली के एम्स लाया गया था। जहां आसाराम ने एम्स के नर्स के गालों की तुलना कश्मीरी सेब से कर दी, जिससे वो झेंप गई।
मधुमेह, अस्थमा और बीपी के मरीज भी कर सकते हैं नेत्रदान

मधुमेह, अस्थमा और बीपी के मरीज भी कर सकते हैं नेत्रदान

देश में इस समय लाखों लोग नेत्रदान के जरिए आंखों की रोशनी पाने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कई प्रकार की भ्रांतियों के चलते आज भी लोग उतनी संख्या में नेत्रदान के लिए आगे नहीं आ रहे हैं जितनी जरूरत है। सच्चाई यह है कि मधुमेह, अस्थमा और ब्लड प्रेशर के मरीज भी आसानी से नेत्रदान कर सकते हैं।
लोढ़ा कमेटी की टिप्‍पणी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पोस्टमैन जैसा

लोढ़ा कमेटी की टिप्‍पणी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पोस्टमैन जैसा

देशभर में 35 नए मेडिकल कॉलेजों में पांच हजार से ज्यादा नई एमबीबीएस सीटों को मान्यता देने वाली सुप्रीम कोर्ट की हाई पॉवर कमेटी ने केंद्र सरकार और एमसीआई पर कई गंभीर टिप्पणियां की हैं। पूर्व चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा, पूर्व सीएजी प्रमुख विनोद राय और एमसीआई के पूर्व चेयरमैन डाॅ. एसके सरीन की कमेटी ने अपने आदेश में कहा है कि देशहित से जुड़े इस अहम मुद्दे पर जहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पोस्टमैन जैसा काम कर रहा था, वहीं एमसीआई दोहरा,कुंठित और अड़ियल रवैया अपना रही थी। मजबूरन हमें ही कॉलेजों का पक्ष जांच कर मान्यता देने या नहीं देने का निर्णय लेना पड़ा।
आसाराम को अंतरिम जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, मेडिकल बोर्ड गठित किया

आसाराम को अंतरिम जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, मेडिकल बोर्ड गठित किया

उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को बलात्कार के एक मामले में आसाराम को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। साथ ही अदालत ने एम्स को एक मेडिकल बोर्ड गठित कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पता करने को कहा।
एमएमबीएस के छात्रों के लिए प्रस्‍तावित एग्जिट एक्‍जाम का आईएमए ने विरोध किया

एमएमबीएस के छात्रों के लिए प्रस्‍तावित एग्जिट एक्‍जाम का आईएमए ने विरोध किया

एमएमबीएस के छात्रों के लिए प्रस्‍तावित एग्जिट एक्‍जाम का आईएमए ने विरोध किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का मानना है कि ऐसे कदम एमबीबीएस एक्‍जाम के स्‍कोप को कम करेगा। एसोसिएशन के अनुसार छात्र अभी अंतिम वर्ष में एमबीबीएस का फायनल एक्‍जाम दे रहा है। एग्जिट एक्‍जाम लेने से यह संदेश जाएगा कि अभी तक की एमबीबीएस की डिग्री वैध नहीं है।
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