लगातार सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख का सामना कर रहा जेपी ग्रुप को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की तरफ एक बड़ा झटका लगा है। वहीं, इस जेपी ग्रुप के 10 खरीददारों को राहत दी है।
आज की बैठक में लक्जरी और मध्यम आकार की कारों पर जीएसटी सेस की दर को 25% किए जाने पर फैसले समेत कई अन्य वस्तुओं पर कर विसंगति को दूर करने के बारे में निर्णय किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, कंपनी अधिनियम का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के विरुद्ध ये कड़ी कार्रवाई की गई है। इस आदेश के बाद से 2,09,032 कंपनियों को धारा 248(5) के अंतर्गत कंपनियों के रजिस्टर से हटा दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक 14,894 करोड़ रुपये केंद्रीय जीएसटी के रूप में जुटाए गए हैं। 2,722 करोड़ रुपये राज्य जीएसटी तथा 47,469 करोड़ रुपये आईजीएसटी के रूप में जुटाए गए हैं।