संसद की कैंटीन के खाने की तारीफ तो हम सभी ने सुनी है, लेकिन आज यहां के खाने में मकड़ी मिलने का मामला सामने आया है। इस खाने को खाने से लोकसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी बीमार पड़ गए हैं।
केंद्र में मोदी सरकार के तीन साल की उपलब्धियां गिनाने झारखंड पहुंचे भाजपा नेता एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। चर्चा में आने की वजह कोई और नहीं बल्कि नेताओं का आदिवासी के घर पहुंचकर खाना बाहर से मंगवाकर खाना है।
क्या हम हल्दीराम की भुजिया खाने से पहले यह छानबीन करेंगे कि उस कंपनी में हमारी जात-बिरादरी, धर्म के कितने लोग, किन-किन पदों पर हैं? क्या झंडुु बाम लगाने से पहले भी हम उसकी धर्म-जाति तय करते हैं? अगर ऐसा नहीं है तो फिर रूह अफजा ने क्या बिगाड़ा है। इसकी मिठास में नफरत की चासनी क्यों मिलाई जा रही है?
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में ब्रेकफास्ट-लंच नहीं दिए जाने का मसला सोशल मीडिया पर गरमा रहा है। प्रशासन पहले ऐसी किसी घटना से इंकार करता रहा, लेकिन तथ्य सामने आने के बाद नया आदेश जारी किया गया। अब छुट्टियां शुरू होने तक छात्रों की मांग पर दोपहर का खाना उपलब्ध कराया जाएगा।
योग गुरु बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि अब एक नई योजना को सफल बनाने में जुट गई है। इस नई योजना के तहत कंपनी बैल से बिजली बनाएंगे, जिसके लिए वह 'बुल पावर' पर काम रहे हैं। इस आइडिया पर पिछले डेढ़ साल से काम किया जा रहा और कुछ सफलता भी मिली है।
अगले एक दो साल में पतंजलि सबसे बड़ा स्वदेशी ब्रांड बन जाएगा। मौजूदा समय में पतंजलि की करीब 30 हजार करोड़ सालाना की उत्पादन क्षमता है और अगले साल यह क्षमता 60 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगी। पिछले साल इसका टर्नओवर 10561 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।