विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता प्रवीण तोगडि़या ने आज नागपुर में कहा कि वे हिंदुओं के लिए एक संरक्षण योजना लेकर आएंगे ताकि देश में उत्पीड़न से उन्हें रक्षा प्रदान की जा सके।
हर साल की तरह इस साल भी तवांग तीर्थ यात्रा 19 नवंबर से 24 नवंबर के बीच जाएगी। गोवाहाटी से शुरू होने वाली इस यात्रा में तिब्बत की आजादी का सपना लिए राष्ट्रभक्त जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य चीन के कब्जे से तिब्बत को छुड़ाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदू विरोधी बताने के महज एक दिन बाद रविवार को विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया को खुफिया एजेसियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए हैदराबाद जाने से रोक दिया। फिलहाल इसपर कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए तोगड़िया ने कहा कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही सार्नजनिक तौर पर बोलेंगे।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की बदजुबानी जारी है। ताजा माले में पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश में कांग्रेस की मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित को दिल्ली का रिजेक्टेड माल बताया है।
स्वामी अग्निवेश ने दोबारा से सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर लिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी मुहिम की प्रशंसा करने वाले स्वामी अग्निवेश ने जद यू का दामन थामा है। जद यू बिहार के बाहर शराबबंदी के जरिए अपना फैलाव करना चाहती है। लिहाजा अग्निवेश काेे पार्टी में शामिल करने के पीछे यही रणनीति हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने राष्ट्रव्यापी शराब बंदी पर जोर दिया है।
संसद के मॉनसून सत्र का ऐलान हो गया है। मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा। इस दौरान राज्यसभा में भाजपा के नॉमिनेटेड सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी को जोरदार टक्कर देंगे बिहार के ‘महागठबंधन’ के सांसद और जाने माने वकील राम जेठमलानी। कालाधन, जीएसटी और आर्थिक मुद्दों पर दोनों दिग्गजों के बीच राज्यसभा में जोरदार बहस की संभावना है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग कांग्रेस पार्टी की शह पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उकसाने में शातिर भूमिका निभा रहे थे और उसी वक्त वह सार्वजनिक रूप से आम आदमी पार्टी नेता का विरोध कर रहे थे।
सुब्रमण्यम स्वामी लागातार सरकार के लोगों पर हमले कर रहे हैं। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के बाद उन्होंने नए नाम अरविंद सुब्रमण्यम पर भी हमला बोला। जेटली को वह लगातार बोलने के लिए उकसा रहे हैं। यहां तक कि जेटली के जबाव देने पर उन्होंने खून-खराबे तक की बात कह डाली। सभी को इंतजार था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर क्या कदम उठाते हैं।
बसपा छोड़कर सुर्खियों में आए स्वामी प्रसाद मौर्य का अगला कदम क्या होगा? इसको लेकर राजनीतिक गुणा-भाग जारी है। स्वयं मौर्य भी अपना पत्ता अभी नहीं खोल रहे हैं। इसके पीछे माना जा रहा है कि मौर्य अपनी ताकत को आजमाना चाहते हैं।