Advertisement

Search Result : "ईरान संसद"

संसद सत्र में स्वामी को टक्कर देंगे ‘राम’

संसद सत्र में स्वामी को टक्कर देंगे ‘राम’

संसद के मॉनसून सत्र का ऐलान हो गया है। मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा। इस दौरान राज्यसभा में भाजपा के नॉमिनेटेड सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी को जोरदार टक्कर देंगे बिहार के ‘महागठबंधन’ के सांसद और जाने माने वकील राम जेठमलानी। कालाधन, जीएसटी और आर्थिक मुद्दों पर दोनों दिग्गजों के बीच राज्यसभा में जोरदार बहस की संभावना है।
चर्चाः चुनावी चक्रव्यूह की नई चुनौती | आलोक मेहता

चर्चाः चुनावी चक्रव्यूह की नई चुनौती | आलोक मेहता

लोकतंत्र में चुनाव मतदाताओं के लिए पर्व और पार्टियों तथा उम्मीदवारों के लिए चुनौती होता है। चुनाव आयोग पारदर्शिता एवं अधिकाधिक भागीदारी के साथ खर्च में नियंत्रण तथा अन्य सुधारों के लिए लगातार सिफारिशें करता रहा है। इन सिफारिशों पर सरकार तथा संसद को अमल करना है।
सरकार को जीएसटी पारित होने का भरोसा,मानसून सत्र 18 जुलाई से

सरकार को जीएसटी पारित होने का भरोसा,मानसून सत्र 18 जुलाई से

सरकार ने आज कहा कि संसद के मानसून सत्र में जीएसटी विधेयक को पारित कराने के लिए उसके पास पर्याप्त समर्थन है। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा।
रिजर्व बैंक के नए प्रमुख की घोषणा संसद के मानसून सत्र से पहले

रिजर्व बैंक के नए प्रमुख की घोषणा संसद के मानसून सत्र से पहले

रिजर्व बैंक के नए गवर्नर की नियुक्ति अगले महीने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले हो सकती है और इस मामले में रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन प्रमुख संभावित उम्मीदवार बनकर उभर रहे हैं।
भारत की उम्मीद बरकरार, गैर एनपीटी देशों की सदस्यता पर एनएसजी में चर्चा जारी

भारत की उम्मीद बरकरार, गैर एनपीटी देशों की सदस्यता पर एनएसजी में चर्चा जारी

चीन द्वारा भारत की उम्मीदों पर सोमवार को पानी फेरने के बाद आज भारत के लिए अच्छी खबर आई है। मंगलवार को चीन ने कहा कि भारत और अन्य गैर एनपीटी देशों को शामिल करने के मुद्दे पर एनएसजी सदस्यों के बीच सियोल में जारी बैठक में वार्ता चल रही है।
संविधान बदलने के लिए संसद जरूरी नहीं: गोविंदाचार्य

संविधान बदलने के लिए संसद जरूरी नहीं: गोविंदाचार्य

ज्यादा दिन नहीं बीते जब इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने आउटलुक (अंग्रेजी) से बातचीत में कहा था कि संविधान निर्माण में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की सीमित भूमिका था। अब राय के करीबी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक तथा भाजपा के पूर्व नेता के.एन. गोविंदाचार्य ने एक और विवाद को जन्म देते हुए कहा है कि जरूरी नहीं है कि संविधान में परिवर्तन संसद के जरिये ही हो।
अमेरिकी संसद में मोदी का संबोधन, भारत और अमेरिका की दोस्‍ती 21वीं सदी बदलेगी

अमेरिकी संसद में मोदी का संबोधन, भारत और अमेरिका की दोस्‍ती 21वीं सदी बदलेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि परमाणु समझौते से भारत अाैैर अमेरिका के बीच संबंधों में काफी प्रगाढ़ता आई है। दोनों के बीच नए रिश्‍ते की शुरुआत हुई। दोनों देशों की संस्कृतियां अलग हैंं लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्‍वास की भावना से दोनों देश काफी नजदीक हो जाते हैं। अमेरिका का लोकतंत्र सभी को आजादी देता है। ऐसा ही भारत का लोकतंत्र भी है। वाशिंगटन दौरे के दूसरे दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैपिटल हिल में अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मध्य एशिया से भारत की नजदीकी पर पाकिस्तानी फौज और आईएसआई परेशान

मध्य एशिया से भारत की नजदीकी पर पाकिस्तानी फौज और आईएसआई परेशान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे को लेकर पाकिस्तानी फौज और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई चिंता में है। उन दोनों संगठनों के अफसरों का मानना है कि भारतीय प्रधानमंत्री के विदेश दौरे में हुए समझौतों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान हाशिए पर आ गया है। अमेरिका के साथ भारत की नजदीकी पाकिस्तान का सिरदर्द बढ़ा ही रही थी। हाल में ईरान, कतर और अफगानिस्तान के दौरों में भारत ने जो हासिल किया है, उससे पाकिस्तानी एजेंसियां चिंतित हैं।
पाकिस्तान को घेरते हुए परमाणु आपूर्तिकर्ताओं के एलीट क्लब में शामिल होने की जुगत

पाकिस्तान को घेरते हुए परमाणु आपूर्तिकर्ताओं के एलीट क्लब में शामिल होने की जुगत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे में दो देशों के एजेंडे पर खास निगाह है। अफगानिस्तान और स्वीट्जरलैंड। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो ऐसी गतिविधियां हैं, जो भारतीय विदेश नीति को नया मोड़ देंगी। एक ओर, पाकिस्तान की तालिबान समर्थक विदेशी नीति को चोट पहुंचाने की कवायद है। ईरान से होकर अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारा विकसित करने के भारत के एजेंडे में अफगानिस्तान और करीब आया है। दूसरी ओर, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता की कवायद है, जिससे भारत दुनिया के एलीट देशों के क्लब में शुमार हो जाएगा।
चर्चाः सस्ते सौदे में सीट संसद की। आलोक मेहता

चर्चाः सस्ते सौदे में सीट संसद की। आलोक मेहता

सौदागर सैकड़ों साल पहले सिल्क रूट से चीन, अमेरिका, यूरोप तक पहुंच जाते थे। तब यात्रा महीनों चलती थी और वाहन सीमित थे। अब तो गोल्डन, डायमंड रूट भी बन गए हैं। ये रूट व्यापार, हथियार के लिए ही नहीं राजनीति में भी कुछ सौदागरों के ‌लिए मुनाफे वाले हो चुके हैं। एक समय था, जबकि भैंरोंसिंह शेखावत जैसे नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए पत्नी के हाथ की सोने की चूड़ियां तक बेचनी पड़ती थी और कुछ सौ रुपयों का इंतजाम होता था। अब तो आलम यह है कि कुछ सौदागरों को सरकारी खजाने से एक सौ करोड़ सांसद के नाते अपने पेशे या संस्‍थान के लिए हर महीने 30 करोड़ आने के भरोसे के कारण चुनाव में 25 से 40 करोड़ रुपये लगाना भी सस्ता सौदा लगता है।
Advertisement
Advertisement
Advertisement