वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि पनामा पेपर्स में जिन-जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन सभी को नोटिस भेजा गया है और कानून के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।
कालेधन पर अबतक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की टीम ने 8 महीने लंबी पड़ताल के बाद पनामा की कानूनी फर्म मोसाक फोंसेका के करीब एक करोड़ दस लाख लीक दस्तावेजों के जरिये यह साबित किया है कि कम से कम 500 भारतीयों ने दुनिया के टैक्स चोरों के स्वर्ग समझे जाने वाले देशा में अपनी काली कमाई छिपा रखी है।
कालाधन पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आज कहा कि करीब 500 प्रमुख भारतीय नागरिकों के बारे खुलासा की गई उस गोपनीय सूची की वह जांच करेगा जिन्होंने कथित तौर पर कर पनाहगाह पनामा की अपतटीय संस्थाओं में पैसे जमा किए गए हैं। इन भारतीयों में फिल्म, राजनीति और उद्योगजगत से हस्तियां शामिल हैं।
कांग्रेस उपाध्याक्ष राहुल गांधी ने असम में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने अपने भाषण में मोदी से पूछा कि आपने विदेशों से कालाधन लाने की बात की थी तो शराब कारोबार के बेताज बादशाह विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी अब तक विदेश में क्यों हैं।
लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष बहुत आक्रामक मुद्रा में नजर में आए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदीजी प्रधानमंत्री का मतलब पूरा देश न समझें। मोदी सरकार की योजनाओं की धज्जियां उड़ाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने काला धन योजना को फेयर एंड लवली योजना तक करार दे दिया।
कालाधन के मामले में सरकार को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। कालेधन की घोषणा के लिए बनाए गए कंप्लायंस विंडो (अनुपालन खिड़की) के जरिये 31 दिसंबर तक विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों से 2,428.4 करोड़ रुपये का कर वसूला गया है। विंडो के तहत विदेशों में कालाधन रखने वालों द्वारा अघोषित संपत्ति के बारे में 600 से अधिक घोषणाएं की गईं।
भारत कालाधन विदेश में जमा करने के मामले में विश्व में चौथे स्थान पर है और 2004 से 2013 के बीच देश से हर साल करीब 51 अरब डालर का कालाधन बाहर ले जाया गया। यह खुलासा अमेरिका की एक विचार संस्था ने किया है। गौरतलब है कि भारत का रक्षा बजट 50 अरब डालर से कम है।
विदेशों में जमा बेहिसाब संपत्ति के खिलाफ नए कानून के तहत लोगों ने कर अधिकारियों को अपने कुल 4,147 करोड़ रुपये का विवरण दिया है। पहले घोषित राशि 3,770 करोड़ रुपये बताई गई थी।
कोई भी समाज ऐसे तंत्र को अनिश्चितकाल तक बनाए नहीं रख सकता जहां कमाई करने वाले व्यक्ति कर चोरी को जीवन का एक तरीका समझें। दुर्भाग्य से विगत में हमारे यहां टैक्स की दर काफी अधिक होने के चलते कर चोरी को प्रोत्साहन मिला। देश जब अपने नागरिकों पर तर्कसंगत दर से टैक्स लगाते हैं तो वे उन्हें ईमानदारी से उनकी आय का खुलासा करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसे बुधवार को समाप्त कालाधन अनुपालन सुविधा के तहत किए गए 638 खुलासों के जरिये 3,770 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। वित्त मंत्रालय ने सीबीडीटी द्वारा सौंपे गए आंकड़ों के आधार पर जारी एक बयान में कहा अनुपालन सुविधा के तहत विदेश में गैरकानूनी तौर पर जमा 3,770 करोड़ रुपये के बारे में खुलासे से जुड़े 638 हलफनामे मिले। इन आंकड़ों पर अंतिम मिलान बाकी है।