राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के शैक्षिक दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।
नॉन-नेट फेलोशिप बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ पिछले 17 दिनों से दिन-रात डटे छात्रों की मुहिम आखिरकार रंग लाई। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को छात्रों से बात करने के लिए खुद मंत्रालय से बाहर आना पड़ा। हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों के साथ ईरानी की वार्ता बेनतीजा रही लेकिन इससे #OccupyUGC मुहिम हौसला जरूर बढ़ा है।
छात्रों के विरोध के चलते केंद्र सरकार को यूजीसी की नॉन-नेट फेलोशिप जारी रखने का ऐलान करना पड़ा है। लेकिन असल सवाल है कि यह फेलोशिप मिलेगी किसे? केंद्र सरकार आर्थिक या मेरिट के आधार पर फेलोशिप देने की तैयारी कर रही है। असली विवाद इसी को लेकर है। यही वजह है कि आज भी सैकड़ों छात्र यूजीसी मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए जुटे।
भ्रष्टाचार और अनैतिकता के आरोपों से घिरे दिल्ली सरकार के मंत्रियों के कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुसीबत बढ़ती ही जा रही है। अब अपने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री असीम अहमद खान के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण उन्होंने खुद खान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर मामला सीबीआई को सौंप दिया है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी आज देशभर में मुसलमानों समेत कमजोर तबकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ दिल्ली और नागपुर में प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि बीते दिनों दादरी के गांव बिसहड़ा में गोमांस खाने और रखने की अफवाह के चलते 50 वर्षीय अखलाक अहमद की गांव के चरमपंथियों ने हत्या कर दी थी जबकि अखलाक का बेटा दानिश गंभीर रूप से घायल हो गया।
सुब्रह़मण्यम स्वामी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद़यालय का कुलपति बनाने की चर्चा इतनी तेजी से शुरू हुई कि प्रायः हर किसी ने इसे सच मान लिया। अकादमिक दुनिया कान लगाकर आहट सुनने लगी। इस पर मीडिया माध्यमों से लेकर बौद्धिक तबके में विमर्श का दौर शुरू हो गया और सुब्रह़मण्यम स्वामी की टिप्पणियां भी सामने आ गई। उन्होंने अपनी योजनाएं भी बता दीं कि वे जेएनयू में किस प्रकार नक्सलियों और ड्रग्स के शिकार लोगों को काबू में करेंगे। यह अपेक्षा भी जता दी कि सरकार उन्हें खुली छूट दे तो वे काम करने को तैयार हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वभारती विश्वविद्यालय (शांति निकेतन) के कुलपति सुशांत दत्तगुप्ता को बर्खास्त करने की अनुशंसा की है। अगर उनकी बर्खास्तगी हुई तो इस तरह हटाए जाने वाले वे किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले कुलपति हो सकते हैं।
अपने पति और परिवार के साथ वह बेहद खुश थी. छोटा सा घर परिवार. कमाई अधिक नहीं लेकिन जरूरतें पूरी हो रही थीं। एक सम्मान के साथ वह अपने पति और बच्चे के साथ हंसी ख़ुशी से जीवन व्यतीत कर रही थी। इस साल बेटे के बोर्ड की परीक्षा होगी। इस को लेकर हर माँ की तरह वह भी चिंतित थी और महज एक सप्ताह पहले वह सोच रही थी कि वह ऐसा क्या करे जिस से उसका बेटा अच्छे से पढ़ सके और अच्छे नंबरों में पास हो।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज अन्य देशों से भारत को अपना विनिर्माण केंद्र बनाने का आह्वान किया और कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में रेलवे की सेवाओं के विकास के लिए 120 अरब डॉलर का निवेश करेगी।
पटना हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश ने पिछले हफ्ते सेवानिवृत्त हुए मुख्य न्यायाधीश के बारे में एक खुला पत्र लिखकर उनके विदाई समारोह में जाने से साफ मना कर दिया कि वह ‘मुगल बादशाह’ की तरह काम करते थे और कानून के लिए उनके मन में कोई सम्मान नहीं था।