सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगा जाना चुनाव कानून प्रावधान के तहत भ्रष्ट तरीका है। जनप्रतिनिधि कानून में भ्रष्ट तरीके को परिभाषित करने वाली धारा 123 (3) में इस्तेमाल शब्द उसका धर्म के संदर्भ में प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और तीन अन्य न्यायाधीशों ने तीन के मुकाबले चार के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि इसका यह अभिप्राय मतदाताओं, उम्मीदवारों और उनके एजेंटों आदि समेत सभी के धर्म और जाति से है।
हरिद्वार में एक स्थानीय अदालत ने बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद की पांच उत्पादन इकाइयों पर उसके उत्पादों के गलत प्रचार एवं भ्रामक विज्ञापन के मामले में 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। एडीएम ललित नारायण मिश्रा की अदालत ने कंपनी से एक माह के भीतर जुर्माना भरने को कहा।
नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के आरोप पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं और उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और एआईडीएमके की महासचिव जे जयललिता की स्थिति नाजुक बनी हुई है। अपोलो अस्पताल ने सोमवार शाम को एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। इससे पहले सोमवार को जयललिता के निधन की खबर फैल गई जिसके बाद समर्थकों में घोर निराशा और गुस्सा देखने को मिला। हालांकि बाद में अपोलो अस्पताल ने बयान जारी कर स्पष्ट किया जयललिता की मौत की खबर झूठ है पर उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली वर्तमान केंद्र सरकार ने सत्ता में आने के बाद से इस वर्ष अगस्त तक यानी करीब सवा दो साल में विज्ञापनों एवं अन्य प्रचार पर 1100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर डाले हैं।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दीवानी मुकदमा दाखिल हुआ है। इसमें प्रणब मुखर्जी की किताब ‘टरबुलेंट इयर्स 1980-1996’ के कुछ अंशों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें किताब से हटाए जाने की मांग की गई है। इन अंशों में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के संबंध में टिप्पणियां हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के अभियान के अखिरी दौर में हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने विज्ञापन जंग छेड़ी है जिस पर लाखों डालर खर्च किए गए हैं और इस क्रम में अहम राज्यों में इश्तिहारों की बांबिंग की जा रही है।
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अब सावधान हो जाए। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा हैै कि अगर उम्मीदवार शपथ पत्र में अपनी शिक्षा को लेकर कोई गलत जानकारी देता है तो उसका निर्वाचन भी रद्द हो सकता है। लिहाजा शैक्षणिक योग्यता छिपाना या गलत जानकारी देना उम्मीदवारों के लिए एक खतरा हो सकता है।
उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि चुनाव में प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानकारी प्राप्त करना मतदाताओं का मौलिक अधिकार है और इस संबंध में कोई भी गलत घोषणा नामांकन पत्र अस्वीकार करने का आधार बन सकता है।