राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सांसद सुप्रिया सुले ने आज कहा कि साइरस मिस्त्री को जिस तरीके से टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाया गया, वह सैद्धान्तिक रूप से गलत है।
सावधान स्टार हों या नामी खिलाड़ी। कानून का प्रारूप बन गया है। संसद से औपचारिक स्वीकृति के बाद भारी जुर्माना होना तय है। जेल की सजा का प्रस्ताव फिलहाल लटका हुआ है। कारण है- करोड़ों लोगों के दिल-दिमाग को लुभाने वाले कलाकार या खिलाड़ी भ्रामक विज्ञापनों का चेहरा बनकर मार्केटिंग में शामिल होंगे, तो नए कानून के तहत 50 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा और फिर भी ‘अपराध’ जारी रखने पर आजीवन किसी विज्ञापन में नहीं दिखने की सजा दे दी जाएगी।
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के सामने दावा किया है कि नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमला करने का भारत का दावा गलत है और बढ़ते संकट की जिम्मेदारी पूरी तरह भारत पर है।
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को विज्ञापन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के उल्लंघन का दोषी पाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी जांच में पाया है कि सरकारी खर्चे पर राज्य के बाहर आम आदमी पार्टी का प्रचार किया गया।
गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी को तवज्जो नहीं देते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि भारत की विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्रियों का सम्मेलन नहीं है और जो बात मायने रखती है, वह यह है कि भागीदारी की जाए।
समाजवादी पार्टी में चल रहे घमासान के बीच पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अध्यक्ष पद से हटाना गलत था। उन्होने कहा कि अखिलेश से अध्यक्ष पद का इस्तीफा मांगा जाता तो वे खुशी-खुशी दे देते और इतनी चर्चा नहीं होती।
रिलायंस जियो के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि अगर कोई डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान करने के प्रधानमंत्री के सपने को पूरा कर रहा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
अगर कोई सेलिब्रिटी भ्रामक विज्ञापन करता है और उससे आम लोगों का नुकसान होता है तो इस सेलिब्रिटी को सजा मिलेगी। केंद्र सरकार ने ऐसा ही मसौदा तैयार किया है जिसके तहत भ्रामक विज्ञापन करने वाली सेलिब्रिटी पर 50 लाख रूपये तक का जुर्माना और पांच साल तक की सजा हो सकती है। इस मसौदे को मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालय पैनल में विचार के लिए रखा जाएगा।
भ्रामक विग्यापन करने वाली हस्तियों यानी सेलिब्रिटी पर जवाबदेही तय करने संबंधी एक नये मसौदा विधेयक पर कल विचार किया जाएगा। इस मसौदे के तहत भ्रामक विज्ञापन करने वाली हस्ती पर 50 लाख रुपये जुर्माने व पांच साल की जेल की सजा रखी जा सकती है।