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Search Result : "चुनावी जंग"

केरल विधानसभाः फिल्मी हस्तियों की दिलचस्प जंग

केरल विधानसभाः फिल्मी हस्तियों की दिलचस्प जंग

केरल में 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों में फिल्मी सितारे और निर्देशक एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। राजनीतिक दलों ने फिल्मी जगत की हस्तियों की लोकप्रियता भुनाने के लिए कम से कम छह उम्मीदवार खड़े किए हैं। इन चुनावों में सभी तीन प्रमुख राजनीतिक दलों-कांग्रेस, माकपा और भाजपा ने मतदाताओं को लुभाने के लिए फिल्मी सितारे मैदान में उतारे हैं।
असम में गरजीं सोनिया, बोलीं लोगों को बांटते और घृणा फैलाते हैं मोदी

असम में गरजीं सोनिया, बोलीं लोगों को बांटते और घृणा फैलाते हैं मोदी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेश दौरों के दौरान बड़े-बड़े बयान देने और देश में घृणा फैलाने का आरोप लगाया। अपनी चुनावी रैली में उन्होंने असम के मतदाताओं को सचेत किया कि भाजपा की कथित सांप्रदायिक राजनीति का नियंत्रण नागपुर से होता है।
राजनीतिक जंग का सबसे अहम मैदान सोशल मीडिया

राजनीतिक जंग का सबसे अहम मैदान सोशल मीडिया

अब राजनीतिक चुनाव सिर्फ सभाओं, जुलूसों, नारेबाजियों और पोस्टरों के जरिये नहीं लड़े जाते हैं। इस जंग का एक और ऐसा मैदान है जो दिखाई तो नहीं देता लेकिन वहां महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होती है। जनमत बनता है। जंग का यह नया मैदान सोशल मीडिया है। इस नए मैदान की लागत कम है और इसका फल इस मायने में मीठा है कि यह जनता को प्रभावित करने की जबरदस्त क्षमता रखता है। आज लगभग तमाम केंद्रीय मंत्री, सरकार, राज्य सरकारें, छोटे-बड़े नेता, विधायक, सांसद, मंत्रालय और राजनीतिक पार्टियों समेत देश की तमाम प्रभावशाली हस्तियां सोशल मीडिया का प्रयोग कर रही हैं।
बंगाल चुनाव में भ्रष्टाचार बना सबसे अहम चुनावी मुद्दा

बंगाल चुनाव में भ्रष्टाचार बना सबसे अहम चुनावी मुद्दा

बंगाल में होने जा रहे चुनाव में भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दा बन गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित बंगाल में लोकतंत्र की बहाली के अलावा कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन ने सारदा घोटाले और नारद स्टिंग ऑपरेशन के रूप में भ्रष्टाचार को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है। गौरतलब है कि सारदा घोटाले में लाखों निवेशकों के रूपये डूब गए थे जबकि नारद स्टिंग ऑपरेशन में टीएमसी के कुछ नेताओं को घूस लेते हुए दिखाया गया है।
मोदी बताएं क्यों अभी तक विदेश में हैं माल्या और ललित मोदी: राहुल

मोदी बताएं क्यों अभी तक विदेश में हैं माल्या और ललित मोदी: राहुल

कांग्रेस उपाध्याक्ष राहुल गांधी ने असम में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने अपने भाषण में मोदी से पूछा कि आपने विदेशों से कालाधन लाने की बात की थी तो शराब कारोबार के बेताज बादशाह विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी अब तक विदेश में क्यों हैं।
चर्चा : चुनावी अवश्वमेघ यज्ञ की तमन्ना। आलोक मेहता

चर्चा : चुनावी अवश्वमेघ यज्ञ की तमन्ना। आलोक मेहता

नरेंद्र मोदी चुनावी चुनौतियों को विजय यात्रा के रूप में मानते रहे हैं। उनके आत्मविश्वास और दिन-रात अभियान चलाने की क्षमता का लोहा उनके सहयोगी ही नहीं विरोधी तक मानते हैं। वह 2014 से निरंतर चुनावी सभाओं को संबोधित करते रहे हैं। चुनावी अश्वमेघ यज्ञ के लिए घोड़ा तैयार कर वह अखिल भारतीय स्तर पर एक ही अभियान में एकछत्र राज का प्रयास भी करना चाहते हैं।
असम चुनाव: भाजपा का दृष्टिपत्र जारी, घुसपैठ पर लगाम का वादा

असम चुनाव: भाजपा का दृष्टिपत्र जारी, घुसपैठ पर लगाम का वादा

असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को पार्टी का दृष्टिपत्र जारी किया। अपने दृष्टिपत्र में भाजपा ने वर्तमान मुख्यमंत्री तरुण गोगोई पर घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए इसे रोकने का वादा किया है।
डीए: मोदी सरकार का चुनावी राज्यों पर दबाव, ममता बौखलाईं

डीए: मोदी सरकार का चुनावी राज्यों पर दबाव, ममता बौखलाईं

कर्मचारियों के लिए छह फीसद महंगाई भत्ते (डीए) की किश्त की घोषणा कर केन्द्र सरकार ने चुनावी राज्यों वाली सरकारों पर दबाव बना दिया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केन्द्र की मोदी सरकार की घोषणा से बौखलाई बताई जा रही हैं, क्योंकि वहां सरकारी कर्मचारियों के स्तर पर चुनौतियां ज्यादा हैं। बंगाल सरकार के कर्मचारियों तनख्वाह केन्द्र से अब 54 फीसद कम हो गई है। अब ममता बनर्जी राज्य सरकार के कर्मचारियों को खुश करने का रास्ता ढूंढ रही हैं। यही हाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी है। हालांकि, इन राज्यों में तनख्वाहें छह से 12 फीसद ही कम हैं। इसलिए, कर्मचारियों की नाराजगी की चिंता नेताओं को कम है।
चर्चाः न्याय के तराजू पर जंग के खतरे | आलोक मेहता

चर्चाः न्याय के तराजू पर जंग के खतरे | आलोक मेहता

न्यायपालिका पर आप या हम कोई प्रश्नचिह्न लगाएं, तो अवमानना कानून की लक्ष्मण रेखा सामने आ सकती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर विराजमान राष्ट्रपति स्वयं न्याय की वर्तमान व्यवस्‍था एवं उसकी साख पर संकट की बात करें, तो निश्चित रूप से सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवाज उठनी चाहिये।
किताब लिख बताएंगे प्रशांत, कैसे जीतें चुनाव

किताब लिख बताएंगे प्रशांत, कैसे जीतें चुनाव

नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की भारी चुनावी जीत में प्रमुख रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर अब एक किताब लिखने जा रहे हैं। अपनी पहली किताब में किशोर चुनाव को लेकर अपने अनुभव को साझा करने के साथ ही नेताओं और चुनावों को लेकर भारतीय मतदाताओं की सोच को भी विश्लेषित करेंगे।
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