बिहार में एकाएक सियासी पारा गरमा गया है। राजद सुप्रीमो परिवार पर सीबीआई छापों के बाद महागठबंधन को लेकर तमाम आशंकाएं शुरु हो गई हैं। जदयू, कांग्रेस और राजद तीनों में खलबली है। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर एफआईआर होने के बाद नीतीश क्या फैसला लेंगे। जदयू व राजद अब इसी रणनीति पर विचार कर रही है। राजद प्रमुख ने इसके लिए सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है तो नीतिश ने उसके अगले दिन।
भाजपा हटाओ, देश बचाओ रैली राजद की रैली है बिहार के महागठबंधन की नहीं। इसमें गैर भाजपाई दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें यह बात मायने नहीं रखती कि इसमें जदयू शामिल होगी या नहीं।
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को जनता दल (यू) समर्थन देगा या नहीं, इसे लेकर पटना स्थित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास में कोर कमेटी की बैठक शुरू हो गई है। बेशक नीतीश कुमार का झुकाव कोविंद के पक्ष में दिख रहा हो लेकिन कमेटी के फैसले के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी और इसी से तय होगी विपक्ष की अगली रणनीति।
राष्ट्रपति चुनाव में एकजुटता दिखाने के विपक्ष के मंसूबे पर पानी फिरता दिख रहा है। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाईटेड) ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया है।
बिहार दिवस आयोजन के लिए सरकार की ओर से छापे गए निमंत्रण पत्र से उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम गायब रहने पर राजद विधायकों और नेताओं ने विरोध जताया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच मेलमिलाप की कमी को दर्शाने वाला विरोध जताए जाने का यह दूसरा अवसर देखने को मिला।
बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उंगली उठाने पर महागठबंधन में शामिल जदयू और राजद के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
बिहार में नौ मार्च को होने वाले विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं। राज्य में चार सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी ने गया स्नातक क्षेत्र और गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी चित्रकार बौआ देवी द्वारा बनाए गए कमल के एक फूल में रंग भरने के बाद राजनीतिक अटकलों :भाजपा और जदयू के एकबार फिर करीब आने: का बाजार गर्म होने को लेकर हंसे।