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Search Result : "जमानत खारिज"

शहाबु की जमानत पर फैसला कल आएगा

शहाबु की जमानत पर फैसला कल आएगा

हत्या के एक मामले में शहाबुद्दीन को पटना उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने को चुनौती देने वाली अपीलों पर उच्चतम न्यायालय ने आज अपना फैसला कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति पी.सी. घोष और न्यायमूर्ति अमिताव राय की पीठ ने अपना आदेश कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया। इससे पहले शहाबुद्दीन तथा अन्य लोगों की ओर से पेश हुए वकीलों ने मामले में अपनी-अपनी दलीलें पीठ के समक्ष रखीं।
सु्ब्रत राय को अंतरिम राहत मिली, तुरंत जेल जाने से बच गए

सु्ब्रत राय को अंतरिम राहत मिली, तुरंत जेल जाने से बच गए

सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को ही नाटकीय घटनाक्रम के बाद अंतरिम राहत मिल गई हैै। अब उन्हें तुरंत जेल जाने की जरुरत नहीं। सरेंडर करने के लिए कोर्ट ने राय को 30 सितंबर तक की मोहलत दे दी है। इससे पहले शुक्रवार को ही कोर्ट ने उन्हें तुरंत जेल भेजे जाने का आदेश दे दिया था।
यौन उत्पीड़न मामले में आप विधायक को मिली जमानत

यौन उत्पीड़न मामले में आप विधायक को मिली जमानत

यौन उत्पीड़न के एक मामले में गिरफ्तार आप विधायक अमानतुल्ला खान को दिल्ली की एक अदालत ने आज जमानत दे दी। खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला उनकी संबंधी है। जांचकर्ता ने कहा था कि खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की जरूरत नहीं है, जिसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई।
सिद्धू के द कपिल शर्मा शो से अलग होने की अफवाह खारिज

सिद्धू के द कपिल शर्मा शो से अलग होने की अफवाह खारिज

द कपिल शर्मा शो के निर्माताओं ने राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू के इस हास्य कार्यक्रम से अलग होने की अफवाहों का खंडन किया है। कुछ समय से ऐसी अफवाहें थीं कि सिद्धू लोकप्रिय स्टैंडअप हास्य कलाकार कपिल शर्मा के कार्यक्रम से अलग हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से पूछा, क्‍यों न जमानत रद्द की जाए

सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से पूछा, क्‍यों न जमानत रद्द की जाए

जमानत पर रिहा हुए पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। सोमवार को सर्वोच्‍च अदालत ने शहाबुद्दीन को हाई कोर्ट से मिली जमानत पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह याचिका पर राजद नेता का पक्ष भी जानना चाहती है। मामले की सुनवाई सोमवार 26 सितंबर को फिर होगी।
सारधा घोटाले के आरोपी मदन मित्रा को जमानत

सारधा घोटाले के आरोपी मदन मित्रा को जमानत

सारदा घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। 21 महीने से भी अधिक समय बाद शनिवार की सुबह सलाखों से बाहर आए तृणमूल कांग्रेस नेता मदन मित्रा ने कहा कि वह फिलहाल आराम करना चाहते हैं, लेकिन वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशों का पालन करेंगे।
पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को मानहानि मामले में जमानत मिली

पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को मानहानि मामले में जमानत मिली

दिल्ली की एक अदालत ने भाजपा से निलंबित सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद तथा दो अन्य को मानहानि के एक मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी। यह मामला अंडर-19 क्रिकेटर के पिता ने उनके बेटे के विजय हजारे ट्रॉफी के लिए टीम में चयन होने को लेकर गलत इरादों से झूठी बयानबाजी करने के आरोप में दर्ज कराया था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने आजाद, पूर्व क्रिकेटर सुरिंदर खन्ना और क्रिकेट से जुड़े समीर बहादुर में से प्रत्येक को 10,000 रुपये की निजी जमानत राशि और इसी धनराशि मुचलके पर राहत प्रदान की।
राजनीतिक दलों को टैक्‍स छूट खत्‍म करने के सुझाव को सरकार ने किया खारिज

राजनीतिक दलों को टैक्‍स छूट खत्‍म करने के सुझाव को सरकार ने किया खारिज

राजनीतिक दलों को टैक्स छूट खत्म करने के सुझाव को सरकार ने खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि ये देश में राजनीतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और लोकतंत्र के हित में उन्हें नियंत्रित करने के लिए जरूरी है।
दरगाह आला हजरत का फतवा, हाफिज को इस्लाम से खारिज किया जाए

दरगाह आला हजरत का फतवा, हाफिज को इस्लाम से खारिज किया जाए

दरगाह आला हजरत से पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद और उसे मसीहा मानने वालों को इस्लाम से खारिज कर दिया गया है। उसके संबोधन सुनने को भी हराम करार दिया गया है। मुसलमानों से कहा गया है कि वे हाफिज से बचकर रहें।
पोस्टमार्टम कानून : ब्रिटेेन में बहुत पहले खारिज, अब हम करने जा रहे समीक्षा

पोस्टमार्टम कानून : ब्रिटेेन में बहुत पहले खारिज, अब हम करने जा रहे समीक्षा

ब्रिटिशकाल के 117 साल पुराने पोस्टमार्टम प्रक्रिया संबंधी कानून की विस्तृत समीक्षा की जा सकती है। केंद्र सरकार ने महाराष्‍ट्र के प्रमुख चिकित्सा-कानूनी विशेषज्ञों की ओर से इस संबंध में तैयार की गई व्यापक रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है।1898 से डाॅक्टर ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के उन नियमों और प्रक्रियाओं का अनुसरण कर रहे हैं, जिन्हें ब्रिटेन ने खुद खारिज कर दिया है।
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