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कोझिकोड़ में बना देश का पहला जेंडर पार्क, राष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

कोझिकोड़ में बना देश का पहला जेंडर पार्क, राष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 27 फरवरी को कोझीकोड़ में भारत के पहले लिंग समानता आधारित केन्द्र जेंडर पार्क का उद्घाटन करेंगे।
जेएनयू विवाद: राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे राहुल

जेएनयू विवाद: राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज राष्टपति प्रणब मुखजर्ी से मुलाकात करेंगे और जेएनयू विवाद तथा देश के विभिन्न हिस्सों में कथित तौर पर छात्रों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाएंगे।
प्रणब ने मानी सरकार की बात, वीसी को बर्खास्त किया

प्रणब ने मानी सरकार की बात, वीसी को बर्खास्त किया

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आखिरकार सरकार की बात माननी पड़ी। देश के इतिहास में पहली बार केंद्रीय विश्वविद्यालय के किसी कुलपति को राष्ट्रपति ने बर्खास्त किया है। यह मामला केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद विश्व भारती के कुलपति सुशांत दत्तागुप्ता को हटाने से जुड़ा है।
हम असहिष्णुता के लिए सहिष्णु हैं – प्रो. सेन

हम असहिष्णुता के लिए सहिष्णु हैं – प्रो. सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफ्रेसर अमर्त्य सेन ने अपने नाम ‘अमर्त्य’ से अपनी बात शुरू करते हुए बताया कि कैसे गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने उनका नाम रखा और अपने चाचा जोतिर्मय सेन के अंग्रेजों की गुलामी के प्रति संघर्ष जारी रखा ताकि देश आजाद हो सके। लेकिन क्या वाकई देश वैसा ‘आजाद’ हुआ है। यह बात उन्होंने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के राजेन्द्र माथुर स्मृति व्याख्यानमाला में कहे। उन्होंने इंडियन पीनल कोड से बात शुरू करते हुए अभिव्यक्ति की आजादी के संदर्भ में बहुत सी बाते रखीं।
चर्चाः भारत रत्न की तो सुन लें | आलोक मेहता

चर्चाः भारत रत्न की तो सुन लें | आलोक मेहता

आमिर खान फिल्मी हस्ती हैं, अशोक वाजपेयी साहित्यकार हैं, सीताराम येचुरी या नीतीश कुमार अथवा राहुल गांधी प्रतिपक्षी नेता हैं, कई संपादक, प्रकाशक प्रतिकूल विचारों वाले हैं लेकिन अमर्त्य सेन तो भारत रत्न हैं। ‘आधुनिक भारत के नोबेल सम्मान प्राप्त अर्थशास्‍त्री और विचारक हैं। किसी राजनीतिक दल से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा। अमेरिका और यूरोप में रहने के अलावा ‘कम्युनिस्ट ’ चोगा भी नहीं पहने हैं।
राष्ट्रपति की राज्यपालों को नसीहत, बनाए रखें संविधान की पवित्रता

राष्ट्रपति की राज्यपालों को नसीहत, बनाए रखें संविधान की पवित्रता

राज्यपालों की भूमिका पर पैदा हुए विवाद के बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को राज्यपालों को मशवरा देते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे सभी लोग संविधान की पवित्रता बरकरार रखें।
आवरण कथाः उच्च शिक्षा की साख पर खतरा

आवरण कथाः उच्च शिक्षा की साख पर खतरा

हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में उच्च शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर चिंता प्रकट की मगर साथ ही साथ उन्होंने इस बात पर संतोष भी जताया कि निजी शिक्षा के क्षेत्र में फैलाव से उच्च शिक्षा तक छात्रों की पहुंच बढ़ गई है। आंकड़े दिखाते हैं कि राष्ट्रपति की दोनों ही बातों में दम है। वर्तमान में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 60 फीसदी छात्र निजी संस्थानों से हैं। निजी शिक्षा के प्रसार ने ऊंची शिक्षा तक पहुंच को बढ़ा दिया है लेकिन समय-समय पर सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। संसद की एक समिति ने भी उच्च शिक्षा की दशा पर सवाल उठाए हैं और इसे दुरुस्त करने की सिफारिश की है। हालांकि शिक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2014-15 के बजट में शिक्षा के बजट को 83 हजार करोड़ रुपये से घटाकर 69 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया और इससे अगले साल के बजट में भी इसमें बढ़ोतरी नहीं की गई।
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