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पंजाब कांग्रेस में फूट, बाजवा और जाखड़ ने दिया इस्तीफा

पंजाब कांग्रेस में फूट, बाजवा और जाखड़ ने दिया इस्तीफा

पंजाब के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बाजवा के साथ ही पंजाब कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है। इन दोनों ही नेताओं ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
लालू का दबाव रहेगा नीतीश के लिए चुनौती

लालू का दबाव रहेगा नीतीश के लिए चुनौती

बिहार में भले ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनकर वाहवाही लूट रहे हैं लेकिन राजद प्रमुख लालू यादव ने अपने बेटे तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनवाकर दबाव बढ़ा दिया है। 26 साल की उम्र में उपमुख्यमंत्री बने तेजस्वी लालू के छोटे बेटे हैं और शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद दूसरे नंबर पर शपथ लेने वालों में शामिल रहे।
आप विधायक ने सिंघल को आतंकी कहा, विधानसभा में हंगामा

आप विधायक ने सिंघल को आतंकी कहा, विधानसभा में हंगामा

विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि देने के मसले पर दिल्ली विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। गत दिवस लंबी बीमारी के बाद सिंघल का गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। दिल्ली विधानसभा में हंगामें की वजह रही कि भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा में सिंघल को श्रद्धांजलि देने की मांग की। इस पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
नीतीश कुमार का इस्तीफा, विधायक दल के नेता चुने गए

नीतीश कुमार का इस्तीफा, विधायक दल के नेता चुने गए

बिहार ‌के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्यपाल कोविंद से मिलकर ‌उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इससे पहले मंत्रिमंडल ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश को मंजूरी दे दी। अब नए सिरे से मंत्रियों का शपथग्रहण और मंत्रिमंडल का गठन 20 नवंबर को किया जाएगा। ताजा जानकारी के मुताबिक, नीतीश विधायक दल के नेता चुन लिए गए हैं।
चुनाव में अपने अमर्यादित दावों के लिए पप्पू यादव ने मांगी माफी

चुनाव में अपने अमर्यादित दावों के लिए पप्पू यादव ने मांगी माफी

बिहार के मधेपुरा से सांसद और जनाधिकार पार्टी (जेएपी) के प्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज उन अमर्यादित दावों के लिए माफी मांगी है, जिनमें उन्होंने कहा था कि यदि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के दोनों बेटे बिहार विधानसभा का चुनाव जीत जाते हैं तो वह (पप्पू यादव) राजनीति छोड़ देंगे।
छठ के बाद हो सकता है नीतीश सरकार का शपथ ग्रहण

छठ के बाद हो सकता है नीतीश सरकार का शपथ ग्रहण

चुनावों में भारी जीत के बाद नीतीश कुमार की अगुवाई में बनने वाली महागठबंधन की सरकार छठ के बाद शपथ ग्रहण करेगी। हालांकि शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन बताया जा रहा है कि आगामी 20 नवंबर को नीतीश कुमार अपने मंत्रीमंडल के साथ शपथ ले सकते हैं।
हार के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने से भाजपा का इनकार

हार के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने से भाजपा का इनकार

बिहार चुनाव के नतीजों पर विचार विमर्श करने के लिए आज हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद भाजपा ने बिहार में हार के लिए किसी भी नेता को जिम्मेदार ठहराने की बात को खारिज करते हुए इस आलोचना को भी नकार दिया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण की समीक्षा संबंधी बयान ने हार में एक बड़ी भूमिका अदा की।
महागठबंधन को 178 सीटें, भाजपा की करारी हार

महागठबंधन को 178 सीटें, भाजपा की करारी हार

बिहार चुनाव में नीतीश-लालू के महागठबंधन को शानदार जीत मिली जबकि भाजपा नेतृत्‍व वाले एनडीए का सफाया हो गया है। नीतीश कुमार एक बार फिर राज्‍य के मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं। बिहार के साथ-साथ देश की राजनीतिक दिशा-दशा तय करने वाले इन चुनावों में महागठबंधन ने 178 सीटें हासिल की हैं जबकि एनडीए के खाते में सिर्फ 58 सीटें आई हैं। भाजपा खिसक कर तीसरे नंबर पर आ गई है। लालू यादव की राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
बिहार चुनाव का आखिरी चरण, 5 बजे तक 59.46% मतदान

बिहार चुनाव का आखिरी चरण, 5 बजे तक 59.46% मतदान

आज बिहार विधानसभा चुनाव के पांचवें और अंतिम चरण का मतदान संपन्न हो गया है। शाम 5 बजे तक 59.46 फीसदी मतदान हुआ। इस चरण में राज्य के नौ जिलों मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और दरभंगा के कुल 57 विधानसभा क्षेत्रों के लिए वोट डाले गए।
बिहार चुनाव की धमक बाहर तक

बिहार चुनाव की धमक बाहर तक

बिहार में चुनावी परिणाम चाहे जो रहे, सरकार चाहे नीतीश कुमार की बने या नरेंद्र मोदी की, इन चुनावों के प्रचार ने राष्ट्रीय राजनीति के कई बंद दरवाजों को खोला है। कई ऐसे समीकरण आए, जिनके बारे में कुछ सालों पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था। नीतीश और लालू का साथ आना, अति पिछड़ा वर्ग का निर्णायक स्थिति में पहुंचना, तमाम वाम दलों का मिलकर चनाव लड़ना और पहली बार देश के प्रधानमंत्री का किसी राज्य के चुनाव के लिए रिकॉर्ड सभाएं करना। इन तमाम पहलुओं पर बिहार की जनता ने पैनी निगाह रखी और हर पहलू पर जमकर चर्चा हुई। ये बहसें सिर्फ बिहार की धरती तक ही सीमित नहीं रहीं, जहां भी बिहारी हैं, वहां बिहार के राजनीतिक भविष्य पर चिंता हावी रही।
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