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Search Result : "संसदीय समिति"

कोयला घोटालाः रंजीत सिन्हा के घर की विजिटर डायरी सही पाई गई

कोयला घोटालाः रंजीत सिन्हा के घर की विजिटर डायरी सही पाई गई

कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच में सीबीआई के तत्कालीन निदेशक रंजीत सिन्हा द्वारा अड़ंगे लगाने के आरोपों की छानबीन के लिए शीर्ष न्यायालय की ओर से गठित एम.एल. शर्मा समिति ने सिन्हा को मामले में दोषी ठहराया है और कहा है कि इस मामले में प्रथम दृष्टया जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
चर्चाः सोशल बनाम एंटी सोशल मीडिया| आलोक मेहता

चर्चाः सोशल बनाम एंटी सोशल मीडिया| आलोक मेहता

महिला और बाल विकास मं­त्री मेनका गांधी ने सोशल मीडिया में महिलाओं के प्रति अपमानजनक अभद्र टिप्पणी करने और धमकी देने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की है। सबसे बड़ा संकट यह है कि सोशल मीडिया के ‘ट्विटर’ जैसे माध्यम में संदेश के नाम पर अपराध करने वालों की सही नाम और पतों को खोजना असंभव सा है।
नए विधायकों के लिए इंटर्नशिप था संसदीय सचिव पद

नए विधायकों के लिए इंटर्नशिप था संसदीय सचिव पद

1937 में जब पहली बार कांग्रेस-लीग के समझौते के बाद उत्तर प्रदेश में पहली कांग्रेस सरकार चुनकर आई तो नेहरू जी मंत्रिमंडल में लीग को स्थान देने के लिए तैयार नहीं हुए थे। जिसके फलस्वरूप देश के विभाजन की नींव रखी गई थी। मेरा उद्देश्य इस सवाल को उठाना नहीं है। उससे कई और सवाल जुड़े हैं। मैं यहां संसदीय सचिव (पार्लियामेंन्ट्री सेक्रेट्री) के पद के इतिहास के बारे में बात करना चाहता हूं। यह पद ब्रिटिश सरकार की परंपरा का हिस्सा है। मैंने कहीं पढ़ा था चर्चिल भी शायद पहले संसदीय सचिव ही हुए थे। सन 1937 में जब पंडित गोविंद वल्लभ पंत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी थी तो वह मुख्यमंत्री बने थे और विजय लक्ष्मी पंडित मंत्री बनी थीं। यदि संसद सचिवों की बात की जाए तो चौधरी चरण सिंह (जो प्रधानमंत्री बने), चंद्रभानु गुप्त (चार बार मुख्यमंत्री बने और कांग्रेस के कद्दावर नेता थे), आचार्य जुगल किशोर (1947 में आजादी के वक्त कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्रियों में थे) समेत कई संसदीय सचिव थे। उसके बाद भी संसदीय सचिव की परंपरा मंत्रिमंडल का अंग रही। मैं स्मृति से लिख रहा हूं। केंद्र में भी यह पद था। प्रदेश में कई बड़े नेताओं ने संसदीय सचिव के पद से अपना करिअर आरंभ किया था जिनमें बाबू बनारसी दास (मुख्यमंत्री रहे), हेमवतीनंदन बहुगुणा (पूर्व मुख्यमंत्री, कैलाश प्रकाश पूर्व. शिक्षा मंत्री) आदि सम्मिलित हैं।
कुंबले,  शास्त्री,  मूडी ने भारतीय कोच पद के लिए साक्षात्कार दिया

कुंबले, शास्त्री, मूडी ने भारतीय कोच पद के लिए साक्षात्कार दिया

भारत की नये क्रिकेट कोच की लंबे समय से चली आ रही खोज मंगलवार को तब अपने अंतिम चरण में पहुंच गयी जब क्रिकेट सलाहकार समिति ने पूर्व भारतीय कप्तानों अनिल कुंबले और रवि शास्त्री सहित कई अन्य उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिये।
संसदीय कमेटी करे क़ैराना की जांच : केसी त्यागी

संसदीय कमेटी करे क़ैराना की जांच : केसी त्यागी

उत्तर प्रदेश की राजनीति को गरमा देने वाले क़स्बे क़ैराना में कुछ सांसदो के साथ दौरा कर लौटे जेडीयू के राज्यसभा सदस्य केसी त्यागी दावा करते हैं कि क़ैराना से पलायन के दावे सरासर बकवास हैं । बक़ौल उनके, विधानसभा चुनावों की आहट से भाजपा बेचैन है और इसीलिए हवाई मुद्दे गढ़ रही है । पेश है केसी त्यागी से रवि अरोड़ा की इसी मुद्दे पर हुई खास बातचीत के कुछ अंश -
अब नवाजुद्दीन की हरामखोर को पास करने से सेंसर बोर्ड का इनकार

अब नवाजुद्दीन की हरामखोर को पास करने से सेंसर बोर्ड का इनकार

फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर मचा बवाल अभी थम ही रहा था कि सेंसर बोर्ड द्वारा एक और फिल्म को पास करन से मना करने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार नवाजुद्दीन सिद्दिकी अभिनीत हरामखोर सेंसर बोर्ड के पास मुसीबत में फंस गई है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को प्रमाणपत्र देने से मना कर दिया है।
घाटी में वापसी पर कश्मीरी पंडितों से बात करेंगे अलगाववादी

घाटी में वापसी पर कश्मीरी पंडितों से बात करेंगे अलगाववादी

अलगाववादियों ने एक महत्वपूर्ण कदम के तहत कश्मीरी पंडितों से घाटी में उनकी वापसी पर चर्चा करने का फैसला किया है। आतंकवाद के चलते 26 साल से भी ज्यादा पहले घाटी छोड़ने को विवश हुए समुदाय को वापस लाने का अलगाववादियों का यह पहला गंभीर प्रयास है।
चर्चाः सिंहासन पर बैठ कांव कांव | आलोक मेहता

चर्चाः सिंहासन पर बैठ कांव कांव | आलोक मेहता

सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके कर्म-वचन जनता के हित के लिए होने चाहिए। सिंहासन पर बैठकर कांव कांव करना उन्हें शोभा नहीं देता। पेड़, शाखा, गांव, शहर और मंच पर छलांग लगाते हुए उन्हें अलग-अलग बातें नहीं करनी चाहिए।
संकट में घिरे केजरीवाल इतिहास बताने लगे

संकट में घिरे केजरीवाल इतिहास बताने लगे

अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाकर लाभ के पद के मामले में घिरे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब इस बारे में पूर्व के उदाहरणों का सहारा लेकर अपने विधायकों की कुर्सी बचाने की कोशिश में लग गए हैं। केजरीवाल ने बुधवार को मीडिया के सामने सवाल उठाया कि दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा सरकारों के समय ऐसी ही नियुक्तियां संवैधानिक थीं तो अब उनकी सरकार के समय यह असंवैधानिक कैसे हो गईं?
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