बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भाजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। लेकिन भाजपा उन्हें कितनी सीटें देगी, यह अभी तय नहीं है। राजद और जदयू के बीच गठबंधन के बाद एनडीए ने भी अपना कुनबा बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। बिहार चुनाव को लेकर आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मांझी के अलावा, उपेंद्र कुशवाह, धर्मेंद्र प्रधान अौर भूपेंद्र यादव से मुलाकात की।
दूरदर्शन द्वारा संस्कृत-समाचार प्रसारण की अवधि बढ़ाने के निर्णय पर कोई खास आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि संस्कृत मोदी सरकार के एजेंडे में है। इस निर्णय का निहितार्थ भी आसानी से समझ में आने वाला है, इसलिए इस पर सवाल भी उठेंगे ही। इस ऐलान के बाद लोगों के जेहन में सबसे पहला सवाल तो यह है कि संस्कृत में न्यूज बुलेटिनों और समाचार-चर्चा के कार्यक्रमों का दर्शक या श्रोता वर्ग कौन है? दूसरा सवाल यह है कि देश में कितने लोग ऐसे होंगे जो वास्तव में संस्कृत माध्यमों से इन कार्यक्रमों की बाट जोह रहे हैं? ये महज शोशा है या इसकी कोई ठोस जरूरत है?
विजय शर्मा देश के नए मुख्य सूचना आयुक्त होंगे। आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त का पद करीब नौ महीने तक रिक्त रहने के बाद आज विजय शर्मा को इस पारदर्शिता पैनल का नया प्रमुख नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, गृह मंत्रालय भारतीय एनजीओ को मिलने वाले विदेशी अनुदान पर नियम-कायदों का शिकंजा कसने के लिए एक नया तंत्र विकसित करने जा रहा है, जिसकी घोषणा 15 जून तक हो सकती है। इस नई नियामक व्यवस्था में खुफिया ब्यूरो, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और गृह मंत्रालय की एफसीआरए विंग के बीच मजबूत तालमेल रहेगा। विदेशी अनुदान हासिल करने वाले सभी गैर-सरकारी संगठनों को एक वेबसाइट बनानी होगी और फंड हासिल करने के 48 घंटे के अंदर इसकी जानकारी सार्वजनिक कर अपनी गतिविधियों और सहयोगी संस्थाओं की पूरी जानकारी देनी पड़ेगी।
दिल्ली स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति (जीएसडीएस) को जल्द ही अपना नया डायरेक्टर मिल सकता है। एक राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक अखबार की मानें तो केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत आने वाली इस स्वायत्त संस्था के निदेशक पद के लिए मोदी सरकार ने ‘योग्य’ उम्मीदवार का चयन कर लिया है।
वरिष्ठतम सूचना आयुक्त विजय शर्मा को नया मुख्य सूचना आयुक्त और पूर्व सीबीडीटी प्रमुख केवी चौधरी को नया केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त नियुक्त किए जाने की संभावना है। सरकार और विपक्ष आज मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के नामों पर राजी हो गए। ये पद पिछले नौ महीने से भी ज्यादा समय से रिक्त पड़े हैं। जिसे लेकर सरकार की खूब आलोचना हो रही थी।
दिल्ली में 77 साल का एक बुजुर्ग 37 साल ली गई जमीन के मुआवजे के लिए भटक रहा है। मुआवजा तो दूर उसे इसकी जानकारी हासिल करने के लिए भी केंद्रीय सूचना आयोग से गुहार लगानी पड़ी।
मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले व्यापमं घोटाले के 30 आरोपियों की मौत पर खड़े हो रहे हैं कई सवाल। जांच के दौरान एसटीएफ अब तक दो हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब भी 650 से अधिक आरोपी वांछित हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर आए खर्च से जुड़ी जानकारी उजागर नहीं किए जाने के बावजूद केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा गठित समिति ने सभी मंत्रालयों को इस तरह की जानकारियां उजागर करने और सक्रिय रुप से अपडेट करने निर्देश दिए हैं।