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Search Result : "सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री"

दिल्ली संकट पर चुप्पी तोड़ें राष्ट्रपति

दिल्ली संकट पर चुप्पी तोड़ें राष्ट्रपति

देश के संवैधानिक प्रमुख की हैसियत से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राजधानी दिल्ली में गहराते संवैधानिक संकट को देखते हुए अब और निष्क्रियता और चुप्पी की आरामतलबी गवारा नहीं कर सकते। केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना और आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के उसके खिलाफ विधान सभा का सत्र बुलाने के निर्णय से केंद्र और दिल्ली सरकार का टकराव अब उस कगार पर पहुंच गया है कि बिना न्यायपालिका या राष्ट्रपति जैसी उच्च संवैधानिक संस्थाओं की पंचायती के किसी परिपक्व संवैधानिक हल की उम्मीद नहीं।
मोदी का एक सालः जानकारियों पर ताला

मोदी का एक सालः जानकारियों पर ताला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार की उपलब्धियों में इसे किस तरह शामिल करेंगे कि उनके शासनकाल में पिछले नौ महीने से प्रधान सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है। करीब 15 हजार शिकायतें और अपीलें मुख्य सूचना आयुक्त के दफ्तर में धूल खा रही हैं।
कुछ सवाल जो पनगढ़िया छिपा गए

कुछ सवाल जो पनगढ़िया छिपा गए

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने ब्लॉग में देश की आर्थिक तरक्की का जिक्र किया है और इसमें कृषि को छोड़ अन्य दूसरे क्षेत्रों का योगदान बताया है। लेकिन उन्होंने यह जिक्र करना शायद उचित नहीं समझा कि पिछले जिस दशक के दौरान अर्थव्यवस्‍था में सबसे तेज विकास हुआ, उसी अवधि में रोजगार की विकास दर सबसे धीमी क्यों रही?
गैमलिन पर केजरीवाल ने लगाए लॉबिंग के आरोप

गैमलिन पर केजरीवाल ने लगाए लॉबिंग के आरोप

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप राज्‍यपाल की ओर से नियुक्‍त कार्यवाहक मुख्‍य सचिव शकुंतला गैमलिन पर बिजली कंपनियों के लिए लॉबिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल का कहना है कि वह 10 दिन तक गैमलिन के कामकाज पर नजर रखेंगे और कोई गलत काम नहीं होने देंगे।
मोदी सरकार का पहला साल: उम्मीदों का बुलबुला

मोदी सरकार का पहला साल: उम्मीदों का बुलबुला

बड़ी-बड़ी उम्मीदों और वादों के साथ केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपना एक साल पूरा करने जा रही है। इस मौके पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक साल के दौरान अपने वादों और नारों पर खरे उतर पाए? इस एक साल में उनका रिपोर्ट कार्ड कैसा रहा? अगर आर्थिक नजरिये से देखा जाए तो मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड बी ग्रेड का कहा जाएगा।
विवादित कॉलेजियम एवं न्यायिक नियुक्ति आयोग पर राष्ट्रपति हस्तक्षेप करेंः बार एसो

विवादित कॉलेजियम एवं न्यायिक नियुक्ति आयोग पर राष्ट्रपति हस्तक्षेप करेंः बार एसो

अखिल भारतीय बार संघ (एआईबीए) ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से शिकायत की है कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में कम से कम 125 जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में देरी पूर्ववर्ती कॉलेजियम प्रणाली खत्म करने से उत्पन्न हुई संवैधानिक शून्यता के कारण हो रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) के गठन में भी देर की जा रही है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक के लिए संसद सत्र बढ़ा

भूमि अधिग्रहण विधेयक के लिए संसद सत्र बढ़ा

अपने आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार अब विपक्ष से दो-दो हाथ करने के मूड में आ गई है। अहम आर्थिक विधेयकों को पास कराने के लिए लोकसभा में संसद सत्र 13 मई तक जारी रहेगा।
वस्तु एवं सेवाकर विधेयक लोकसभा में पारित

वस्तु एवं सेवाकर विधेयक लोकसभा में पारित

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने के प्रावधान वाला संविधान (122वां संशोधन) विधेयक-2014 बुधवार को लोकसभा में पारित हो गया। हालांकि राज्यसभा में इसके भविष्य को लेकर अभी अनिश्चितता बरकरार है। इस विधेयक को मंगलवार को चर्चा के लिए लोकसभा में लिया गया था और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सभी दलों से दलगत भावना से ऊपर उठकर इसका समर्थन करने की अपील की थी।
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