मणिपुर विधानसभा चुनाव में असम का करिश्मा दोहराने की तैयारी में भारतीय जनता पार्टी जुट गई है। राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा ने पूरे राज्य में धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रकाश जावड़ेकर पार्टी की रणनीति बना रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विभिन्न सीटों का ब्यौरा मंगाया है, जिसपर वे काम कर रहे हैं। 15 सितंबर को अमित शाह ने गुवाहाटी में मणिपुर के भाजपा कार्यकर्ताओं-नेताओं की बैठक बुलाई है।
असम की एक अदालत ने आरएसएस के खिलाफ एक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आरोपी के तौर पर समन किया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष को संघ के खिलाफ टिप्पणी के एक मामले में आपराधिक मानहानि का सामना करना है।
असम में बोडोलैंड के केंद्र कोकराझार में शुक्रवार को आतंकवादी हमले में 14 लोगों की मौत हो गई। काले कपड़ेे पहने हमलावरों ने बाजार में जमकर फायरिंग और गोलाबारी की। हमले में 20 लोग घायल हुए हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
तृणमूल कांग्रेस अपने दो सांसदों को संसदीय स्थाई समिति से हटवाने जा रही है। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के निर्देश पर राज्यसभा के सदस्य केडी सिंह और लोकसभा के सदस्य दिनेश त्रिवेदी को संसदीय समितियों से हटाने की सिफारिश करते हुए राज्यसभा अध्यक्ष एवं लोकसभा स्पीकर को पार्टी की तरफ से चिट्ठियां भेजी गई हैं। अगले एक महीने में विभिन्न संसदीय स्थाई समितियों की मियाद खत्म होने वाली हैं। इन समितियों का पुनर्गठन होना है।
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री समीर रंजन बर्मन और छह अंसतुष्ट कांग्रेस विधायक अगले माह रमजान समाप्त होने पर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे। इनमें बर्मन के विधायक पुत्र सुदीप शामिल हैं।
असम में भाजपा की नवनिर्वाचित सोनोवाल सरकार के एक मंत्री के ऊपर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज होने का मामला सामने आया है। बुधवार को नेशनल इलेक्शन वाच और एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव के दौरान मंत्रियों की ओर से दिए हलफनामे के अध्ययन के आधार पर यह जानकारी दी है।
असम के गुवाहाटी के खानपारा मैदान में सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रगान से शुरू हुए शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा कई गणमान्य हस्तियां मौजूद थीं।
असम विधानसभा चुनाव में भारी विजय के साथ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में नया वोट खाता खोलने से भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार का आत्मविश्वास बढ़ गया है। असम-अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में राष्ट्री य स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक लगभग 40 वर्षों से सक्रिय थे। इसी जमीनी आधार का लाभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को असम में कमल खिलाने के लिए मिला है।