महागठबंधन बनाकर भाजपा को पटखनी देने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले साल असम और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में बिहार जैसा खाका खींचने में जुट गए हैं। इसके लिए नीतीश कुमार स्वयं कांग्रेस के अलावा इन राज्यों के क्षेत्रीय दल के नेताओं के संपर्क में हैं।
फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग के बाद अब गूगल गूगल प्रमुख सुंदर पिचई भी मुस्लिमों के समर्थन में उतर आए हैं। शनिवार को अपने एक ब्लॉग के जरिये उन्होंने कहा कि हमें अमेरिका और विश्व में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का समर्थन करना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज उन पर चुनाव जीतने के लिए खोखले चुनावी वादे करने और लोगों के बीच मतभेद पैदा करने का आरोप लगाया। राहुल ने लोगों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
देश में बढ़ रही असहिष्णुता के माहौल को लेकर सोमवार को दिए अपने बयान पर मचे बवाल के बाद बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने आज एक बयान जारी कर कहा है कि वह अपनी बातों पर कायम हैं लेकिन उनका और उनकी पत्नी का देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं है।
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से बौखलाई भारतीय जनता पार्टी ने अगले साल असम विधानसभा के मद्देनजर अपनी रणनीति बदल ली है। सूत्रों के अनुसार, असम प्रदेश अध्यक्ष की कमान सिद्धार्थ भट्टाचार्य की जगह अब केंद्रीय खेलमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को सौंपी है।
पिछले कुछ हफ्तों में लेखकों वैज्ञानिकों और कलाकारों के सम्मान लौटाने की बाढ़ देखी गई। पुरस्कार लौटाने के जरिये ये सम्मानित और पुरस्कृत लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए खड़े हुए हैं। बढ़ती असहिष्णुता और हमारे बहुलतावादी मूल्यों पर हो रहे हमलों पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए इन शिक्षाविदों, इतिहासकारों, कलाकारों और वैज्ञानिकों के कई बयान भी आए हैं। जिन्होंने अपना पुरस्कार लौटाया है वे सभी साहित्य, कला, फिल्म निर्माण और विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों में से हैं। इस तरह सम्मान लौटाकर उन सभी लोगों ने सामाजिक स्तर पर हो रही घटनाओं पर अपने दिल का दर्द बयान किया है।
उदय प्रकाश, अशोक वाजपेयी और नयनतारा सहगल सहित 21 लेखकों द्वारा साहित्यिक सम्मान लौटाने की घोषणा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हिन्दू धर्म को विकृत करने और भारत को नष्ट करने के प्रयासों में सेकुलर ग्रंथि से पीड़ित कुछ असहिष्णु कलमकारों ने अपने तमगे लौटा दिए हैं।
देश में लगातार बढ़ रही सांप्रदायिक घटनाओं के विरोध में प्रसिद्ध लेखिका नयनतारा सहगल के बाद हिंदी के जाने-माने साहित्यकार अशोक वाजपेयी ने भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने की घोषणा की है। इससे पहले उदय प्रकाश भी कन्नड़ विद्वान एमएम कलबुर्गी की हत्या के विरोध में यह पुरस्कार लौटा चुके हैं।
नेताओं की आवाजाही और इलाके में व्याप्त तनाव के बीच दादरी के बिसाहड़ा में गोमांस की अफवाह पर मारे गए अखलाक के परिवार ने अपना गांव छोड़ दिया है। परिवार अब दिल्ली में एयरफोर्स की एक रिहायशी कॉलोनी में रहेगा।