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सपा संकट: शिवपाल ने अखिलेश के करीबी सात नेताओं को पार्टी से निकाला

सपा संकट: शिवपाल ने अखिलेश के करीबी सात नेताओं को पार्टी से निकाला

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी के तीन विधान परिषद सदस्यों और तीन युवा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों समेत सात नेताओं को आज पार्टी से निष्कासित कर दिया। निकाले गए सभी नेता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं।
रूस: संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति पुतिन की पार्टी को मिली भारी जीत

रूस: संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति पुतिन की पार्टी को मिली भारी जीत

राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की युनाइटेड रशिया पार्टी को देश के संसदीय चुनाव में आसान और बड़ी जीत हासिल हुई है। यह नतीजा साल 2018 में पुतिन के चौथी बार राष्ट्रपति बनने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
शिवपाल ने दिखाया दम, रामगोपाल के दो निकट संबंधियों को किया निष्कासित

शिवपाल ने दिखाया दम, रामगोपाल के दो निकट संबंधियों को किया निष्कासित

समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने राम गोपाल यादव के दो निकट संबंधियों को निष्कासित कर दिया। उनके इस कदम से परिवार में एक बार फिर तनाव पैदा होने की आशंका है।
अपनों की असहमति को सलाम। आलोक मेहता

अपनों की असहमति को सलाम। आलोक मेहता

आप इस शीर्षक से असहमत हो सकते हैं। इसे शिरोधार्य करना हमारा भी कर्तव्य है। सामान्यतः मीडिया असहमतियों को विद्रोह, धमाके, टूट, बिखराव, टकराव की तरह पेश करता है। इसकी वजह यही है कि धीरे-धीरे समाज में असहमतियों को विरोध की तरह अनुचित माना जाने लगा है। महात्मा गांधी या अब्राहम लिंकन, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी (आपातकाल के अपवाद को छोड़कर), अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने यदि असहमतियों, अपनों की कड़वी खरी-खोटी नहीं सुनी होती तो, राजनीतिक दलों या लोकतांत्रिक सरकारों में संभवतः कई महत्वपूर्ण फैसले ही नहीं हो पाते।
ओपिनियन पोल: उत्तर प्रदेश में त्रिशंकु विधानसभा, बसपा होगी सबसे बड़ी पार्टी

ओपिनियन पोल: उत्तर प्रदेश में त्रिशंकु विधानसभा, बसपा होगी सबसे बड़ी पार्टी

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सकता है और बहुजन समाज पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभर सकती है। यह दावा एक ओपिनियन पोल में किया गया है।
पीएम के जन्मदिन को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाएगी भाजपा

पीएम के जन्मदिन को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाएगी भाजपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को भाजपा सेवा दिवस के रूप में मनाएगी। इसके लिए देशभर में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को इस दिन अपने-अपने इलाके में समाज सेवा से जुड़े काम करने का निर्देश दिया गया है। खुद प्रधानमंत्री ने इस बार अपना जन्मदिन गुजरात में मनाने का फैसला किया है, जहां वे अपनी मां का आर्शीवाद लेने के साथ ही आदिवासी इलाकों में जाएंगे और लगभग 10 हजार दिव्यागों को उपयोगी उपकरण बांटेंगे।
संघ का कलह : गोवा भाजपा को हो सकता है नुकसान, बढ़ी मुश्किलें

संघ का कलह : गोवा भाजपा को हो सकता है नुकसान, बढ़ी मुश्किलें

भाषा और पढ़ाई के माध्यम को लेकर गोवा सरकार और आरएसएस से दो-दो हाथ करने के बाद भारतीय भाषा सुरक्षा मंच ने अगले विस चुनाव में भाजपा को सीधी चुनौती देने का फैसला किया है। संघ के पूर्व गोवा प्रमुख सुभाष वेलिंगकर भारतीय भाषा सुरक्षा मंच के अध्यक्ष हैं। अब उन्होंने भाषा सुरक्षा मंच को राजनीतिक संगठन बनाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
गौरक्षकों पर बयान के बाद मोदी ने आरएसएस प्रचारकों को भोज पर बुलाया

गौरक्षकों पर बयान के बाद मोदी ने आरएसएस प्रचारकों को भोज पर बुलाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के 7 रेस कोर्स रोड स्थित अपने आवास पर आरएसएस के प्रचारकों के लिए एक भोज का आयोजन किया। गौरक्षकों पर सख्त बयान के बाद मोदी की इस दावत को डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
गोवा में शिवसेना-संघ का बागी गुट मिलकर लड़ सकते हैं चुुनाव

गोवा में शिवसेना-संघ का बागी गुट मिलकर लड़ सकते हैं चुुनाव

गोवा में संघ का बागी गुट और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ सकतेे हैं। आपसी गठबंधन पर संघ के राज्य पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच बैठक हुई। जिसके बाद राउत ने इसे सकारात्‍मक बताया और कहा कि हम 'महासंघ' बनाकर चुनाव लड़ने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश: बहुत पहले पड़ गए थे मुलायम परिवार में दरार के बीज

उत्तर प्रदेश: बहुत पहले पड़ गए थे मुलायम परिवार में दरार के बीज

समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच की ताजा जंग का ठीकरा बेशक दो मंत्रियों की बर्खास्तगी या मुख्य सचिव को हटाए जाने पर फूट रहा हो मगर सच्चाई यह है कि विवाद केवल इतना भर नहीं है बल्कि उसकी जड़ें बेहद गहरी हैं। इस विवाद का बीज उस दिन ही पड़ गया था जब विधानसभा चुनावों से ऐन पहले अखिलेश से चर्चा के बिना ही बाहुबली डीपी यादव को सपा में शामिल कराने को हरी झंडी दी गई थी। इस पर प्रदेश पार्टी के मुखिया अखिलेश ने डीपी यादव को न लेने का एलान कर पहली बार चाचा शिवपाल को अपनी ताकत का एहसास कराया।
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