उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने आगामी चुनाव के मद्देनजर प्रदेश भर में अपनी विकास रथ यात्रा तीन नवम्बर से शुरू करने की आज घोषणा की। अखिलेश ने एक पत्र लिखकर इस बात की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अपने पिता मुलायम सिंह यादव को दी है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक के मोदी सरकार के दावे पर सवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए सवाल उठाया है कि पहली बार के दावे पर कौन सच्चा है, विदेश सचिव या रक्षा मंत्री। कांग्रेस का मानना है कि सर्जिकल स्ट्राइक पहले भी हुई है पर इस बार इसका खूब बखान किया गया।
भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध के मुद्दे पर जारी बहस के बीच रिलायंस इंड्रस्टी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कहा कि पहले देश की बात होनी चाहिए न कि कला और संस्कृति की। अंबानी ने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से एक बात को लेकर स्पष्ट हूं कि मेरे लिए देश पहले है। मैं एक बौद्धिक व्यक्ति नहीं हूं, एेसे में, मैं इन चीजों को नहीं समझता हूं लेकिन निसंदेह सभी भारतीयों की तरह मेरे लिए भारत सबसे पहले है।’’
तमिलनाडु में कावेरी मुद्दे पर किसानों और विपक्षी दलों ने केंद्र से तुरंत कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) की स्थापना की मांग करते हुए विभिन्न जगहों पर रेलो को रोक कर धरना और प्रदर्शन किया।
मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव (मामी) पर भी सोमवार को भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की छाया देखने को मिली। फिल्मोत्सव के आयोजकों ने पाकिस्तानी फिल्म जागो हुआ सवेरा की स्क्रीनिंग के दौरान विरोध प्रदर्शन के खतरे को देखते हुए अपने रेट्रोस्पेक्टिव वर्ग से इस फिल्म को हटा दिया है।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात और कश्मीर का कसाई कहते हुए आरोप लगाया कि घाटी में किए जा रहे अत्याचार से सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए मोदी पाकिस्तान पर आरोप लगा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भारत रत्न दिए जाने की मांग की है। उन्होंने राव के काम को बेमिसाल बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और पूर्व की सरकारों ने राव के साथ न्याय नहीं किया।
एक साथ तीन बार तलाक बोलने को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज कहा कि सरकार का विचार स्पष्ट है कि पर्सनल लॉ संविधान के दायरे में हों और उन्हें लैंगिक समानता एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार के नियमों के अनुरूप होना चाहिए।