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Search Result : "Pankaj Mishra"

मेरी भूमिका दबाव बनाने की थी जिसमें मैंने अच्छा किया: मिश्रा

मेरी भूमिका दबाव बनाने की थी जिसमें मैंने अच्छा किया: मिश्रा

भारतीय गेंदबाज अमित मिश्रा ने पहले टेस्ट में भले ही ज्यादा विकेट नहीं चटकाये हों लेकिन इस लेग स्पिनर ने कहा कि उन्होंने एक छोर से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर दबाव बनाकर अपनी भूमिका अच्छी तरह निभायी।
अभ्यास मैच में जडेजा, अश्विन का शानदार प्रदर्शन

अभ्यास मैच में जडेजा, अश्विन का शानदार प्रदर्शन

रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन और अमित मिश्रा की स्पिन तिकड़ी के दम पर भारत ने दूसरे और आखिरी अभ्यास मैच के पहले दिन वेस्टइंडीज बोर्ड अध्यक्ष एकादश को सिर्फ 180 रन पर समेट दिया।
इस पत्रकार ने बताया कैसे मुमकिन हुआ स्वराज

इस पत्रकार ने बताया कैसे मुमकिन हुआ स्वराज

जब हर तरफ सूखे और गर्मी से लोग बेहाल है, तब ऐसे में मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव बघुवार ने पानी बचाने और भूजल सुरक्षित रखने के लिए नई मिसाल कायम की है। हरियाली से भरपूर इस गांव के कुओं और तालाब में इस भीषण गर्मी में भी पर्याप्त पानी है। यह सब संभव हुआ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सिद्धांतों को अपनाकर।
पंकज आडवाणी को एशियाई 6-रेड स्नूकर खिताब

पंकज आडवाणी को एशियाई 6-रेड स्नूकर खिताब

भारत के स्टार क्यूइस्ट पंकज आडवाणी ने कल रात अबुधाबी में एशियाई 6-रेड स्नूकर खिताब जीतकर नया इतिहास रचा। आडवाणी 6-रेड में विश्व और महाद्वीपीय खिताब दोनों एक साथ जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। दोहरे आईबीएसएफ विश्व सिक्स-रेड स्नूकर चैंपियन आडवाणी ने कल मलेशिया के शीर्ष वरीयता प्राप्त कीन हो मो को 7-5 से हराकर अपना दबदबा बनाए रखा।
तेरे बिन ही ठीक थे लादेन

तेरे बिन ही ठीक थे लादेन

इस फिल्म का सीक्वेल देखने के बाद इच्छा होती है कि संविधान में संशोधन कर एक नियम डाला जाए कि पकाऊ सीक्वेल बनाने पर सजा का प्रावधान हो।
गांधी: बस नाम ही बाकी है

गांधी: बस नाम ही बाकी है

राष्ट्रपिता के रूप में ख्याति पाने वाले शख्स के नाम पर पूरे भारत में ढेरों संस्थाएं हैं, जिनका बस 'नाम’ ही बाकी रह गया है
खिड़कियां थिएटर उत्सव

खिड़कियां थिएटर उत्सव

मुंबई में खिड़कियां थिएटर उत्सव की धूम रहती है। रंगमंच के कलाकारों के साथ बॉलीवुड के सितारे में इसमें शामिल होना गर्व समझते हैं।
रामदरश मिश्र की कहानी - साढ़ेसाती

रामदरश मिश्र की कहानी - साढ़ेसाती

सन 1951 में पहला काव्य संग्रह पथ के गीत का प्रकाशन। तब से निरंतर रचना कर्म में सक्रीय। आग की हंसी के लिए सन 2015 का साहित्य अकादमी सम्मान। कविता, उपन्यास, कहानी, ललित निबंध, आत्मकथा, आलोचना, यात्रावृत्तांत, डायरी, समीक्षा, संस्मरण आदि सभी विधाओं में लेखन। दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, शलाका सम्मान, महापंडित राहुल सांकृत्यायन सम्मान, व्यास सम्मान सहित कई पुरस्कार एवं सम्मान।
मैं काल्पनिक नहीं प्रामाणिक पर भरोसा करता हूं-रामदरश मिश्र

मैं काल्पनिक नहीं प्रामाणिक पर भरोसा करता हूं-रामदरश मिश्र

गीत, कविता, कहानियां, गजल, निबंध हर विधा में रामदरश मिश्र ने अपनी कलम चलाई है। वह नामी साहित्यकार से पहले संवेदनशील, उदार, स्नेहशील, सहज और सहृदयी व्यक्तित्व के स्वामी हैं। सन 2015 का साहित्य अकादमी पुरस्कार उनकी पुस्तक आग की हंसी के लिए देने की घोषणा हुई है। इस मौके पर साहित्य अकादमी, दिल्ली, के सभागार रामदरश मिश्र जी ‘लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम में अपने पाठकों, प्रशंसकों से रूबरू हुए।
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