कल यानी 12 जून को सी नारायण रेड्डी का निधन हो गया। ज्ञानपीठ अवार्ड प्राप्त नारायण रेड्डी जाने माने कवि थे और उन्हें तेलुगु साहित्य की दुनिया का मजबूत स्तंभ माना जाता था।
मशहूर कवि और लेखक सी नारायण रेड्डी का आज निधन हो गया। वे 86 साल के थे। तेलगु लिटरेचर की दुनिया में नारायण रेड्डी का नाम एक स्तंभ की तरह है। नारायण रेड्डी ने सिर्फ एक कवि और लेखक ते बल्कि वे फिल्म जगत के लिए गाने भी लिकते थे। उनके लिखे गानों ने साउथ की फिल्मों में काफी धूम मचाया।
ऐसे में जब आईटी सेक्टर में नौकरियों पर संकटर मंडरा राह है तो इन्फोसिस के सह संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति युवा पेशेवरों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया है कि युवा पेशेवरों की नौकरी बचाने के लिए वरिष्ठ साथियों को अपने वेतन में कटौती करनी होगी।
माओवादी नेता नारायण सान्याल का निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक 83 साल के नारायण सान्याल पिछले कुछ समय से कैंसर के कारण कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती थे। जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
उन्नाव के भगवंतनगर से भाजपा विधायक और कवि हृदय नारायण दीक्षित आज उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए। उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा होते ही सीएम योगी आदित्यनाथ और नेता विरोधीदल राम गोविन्द चौधरी ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के आसन पर बिठाया।
बचपन सभी का सुनहरा होता है। इसी बचपन की यादों का पिटारा जब शब्दों में सहेज लिया जाता है तो किताब बन जाता है। ऐसी ही एक किताब है आर के नारायण की। उनके बचपन के संस्मरणों पर आधारित इस किताब का नाम है, मेरी जीवन गाथा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का मानना है कि वर्ष 1947 में आजादी मिलने के साथ भारत का जो विभाजन हुआ वह एक ऐतिहासिक भूल था। संघ का मानना है कि आने वाले समय में बहुत जल्द ही अखंड भारत बनेगा।
हवाई किरायों में मनमानी वृद्धि को लेकर बढ़ती चिंता के बीच नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने आज कहा कि हो सकता है कि एयरलाइन कंपनियां परियां नहीं हों लेकिन निश्चित तौर पर वह राक्षस भी नहीं हैं।
विमान किरायों की अधिकतम सीमा तय करना ज्यादातर यात्रियों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने शनिवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर एयरलाइंस न्यूनतम किरायों में बढ़ोतरी कर सकती है। इससे पहले राजू ने कुछ दिन पहले विमान किरायों की सीमा तय करने से इनकार करते हुए कहा था कि विमानन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा से इस समस्या का हल हो जाएगा।
नागर विमानन प्राधिकार की स्थापना को लगभग खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू ने आज कहा कि उन्हें नियामक का सिर्फ नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं दिखती।