भारत ने कश्मीर पर विदेश सचिव स्तरीय वार्ता के पाकिस्तान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और जोर देकर कहा कि वह सीमा पार के आतंकवाद से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना चाहेगा जो जम्मू कश्मीर में मौजूदा स्थिति की वजह हैं।
पाकिस्तान ने कश्मीर पर बातचीत के लिए भारत को निमंत्रण भेजा। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के इस कदम को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह भारत-पाक संबंधों के समकालीन मुद्दों पर ही बात करेगा।
भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कीथ वाज ने सरोद उस्ताद अमजद अली खान को वीजा देने से इनकार किए जाने की खबर पर यह कहते हुए ब्रिटेन के गृह विभाग से स्पष्टीकरण मांगा कि इस फैसले से भारत-ब्रिटेन संबंध को गहरा नुकसान पहुंचेगा।
मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) की आड़ में सेना के कथित अत्याचारों के खिलाफ पिछले 16 सालों से अनशन पर रहकर विरोध कर रहीं इरोम शर्मिला अपना अनशन खत्म करेंगी। उन्होंने अपना विरोध जारी रखते हुए अगले साल राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
भारत-पाकिस्तान के संबंधों में बढ़ती कड़वाहट के बीच भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग में तैनात राजनयिकों और अधिकारियों से अपने बच्चों को वहां के स्कूलों में नहीं पढ़ाने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने राजनयिकों को इसी अकादमिक सत्र से बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था पाकिस्तान से बाहर करने को कहा है।
मुंबई की विवादित आदर्श सोसाइटी की इमारत गिराने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तत्काल रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है। शुक्रवार को कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख तय की। अदालत ने इससे पहले केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से जवाब देने को भी कहा है।
भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना पर गहरा अफसोस जताया जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी। सेना ने इस घटना की जांच का भी आदेश दिया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर केंद्र और दिल्ली के बीच के संबंध को भारत-पाकिस्तान जैसे हालात में पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर रूकावटें पैदा नहीं की गई होतीं तो उनकी सरकार ने दिल्ली में जितनी उपलब्धियां हासिल की हैं उससे चार गुना ज्यादा उपलब्धियां होतीं।
रिटायर्ड सैन्य कर्मियों के प्रदर्शन के बाद 7 नवंबर 2015 को केंद्र सरकार ने वन रैंक-वन पेंशन स्कीम को लागू करने की घोषणा की थी। जिसके तहत सशस्त्र सुरक्षा बलों के सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को एक जैैसी पेंशन मिलनी थी। सरकार की इस स्कीम को लागू करने में हो रही देरी पर रिटायर्ड सैन्य कर्मियें ने सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी सरकार से देरी पर लिखित जवाब मांंगा है। कोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए 8 माह का समय दिया है।