ओलंपिक में पदार्पण के चार साल बाद भी भारत के ओलंपिक दल के सबसे युवा मुक्केबाज 22 बरस के शिव थापा को रियो में अपने बेहतर दमखम, स्टेमिना और परिपक्वता के आधार पर पदक जीतने की उम्मीद है।
अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता पेमा खांडू ने आज राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण के साथ ही 37 वर्षीय खांडू देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बन गए।
ओलंपिक में जगह पक्की करने के बाद भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण (75 किग्रा) को बाकू (अजरबैजान) में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) विश्व क्वालीफाईंग टूर्नामेंट में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा क्योंकि माथे पर चोट लगने के कारण वह सेमीफाइनल मुकाबले में भाग नहीं ले पाएंगे।
राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व स्वर्ण पदकधारी मनोज कुमार (64 किग्रा) बाकू (अजरबेजान) में चल रही एआईबीए विश्व क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर ओलंपिक खेलों के लिये क्वालीफाई करने वाले भारत के दूसरे मुक्केबाज बन गये।
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास कृष्ण (75 किग्रा) बाकू (अजरबेजान) में चल रहे विश्व ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले तीसरे भारतीय मुक्केबाज बने और अगस्त में होने वाले रियो खेलों में जगह बनाने से वह सिर्फ एक जीत दूर हैं।
दुनिया में मुक्केबाजी के पर्याय मुहम्मद अली ने एक बार गणना की थी कि उन्होंने अपने पेशेवर करियर में 29,000 मुक्के सहे और पांच करोड़ 70 लाख डालर की कमाई की। उनके मुक्के दमदार होते थे और अपनी तेजी की वजह से प्रतिद्वंद्वी को हतप्रभ करने में माहिर भी थे। इस हैवीवेट चैंपियन ने अपने मुक्कों से दुनिया को रोमांचित करने का वादा किया और फिर वह इसमें सफल भी रहे। यहां तक कि मुक्के खाने की वजह से उन्हें पार्किन्संस हो गया था। वह इस वजह से बमुश्किल बात कर पाते थे तब भी वह लोगों को प्रभावित करते थे।
अपने जीवन में 61 फाइटिंग में से सिर्फ पांच में हारने वाले जाने माने मुक्केबाज 'द ग्रेट' मोहम्मद अली जिंदगी की जंग में पार्किन्संस से हार गए। 74 साल के अली सांस की तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती थे। उनका अमेरिका के लास एंजिल्स में निधन हो गया। अली को पार्किनसन की बीमारी की वजह से सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी।
ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता बॉक्सर मेरी कॉम भारत की पहली गर्ल सुपरहीरो सिरीज में एनिमेटेड अवतार में दिखेंगी। मेरी कॉम मानती हैं कि इससे लड़कियों को स्वरक्षा में मदद मिलेगी। अब वक्त आ गया है कि लड़कियां अपनी रक्षा के गुर सीखें और आगे बढ़े