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वी.वी. आचार्य रिजर्व बैंक के नये डिप्टी गवर्नर

वी.वी. आचार्य रिजर्व बैंक के नये डिप्टी गवर्नर

सरकार ने न्यूयार्क विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और अपने आप को गरीब व्यक्ति का रघुराम राजन कहने वाले विराल वी. आचार्य को रिजर्व बैंक का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है।
केवी में एडमिशन : सांसदों को दाखिले पर गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी

केवी में एडमिशन : सांसदों को दाखिले पर गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी

केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के सांसद कोटा में जल्द ही अहम बदलाव हो सकता है। नए प्रावधानों में सांसद कोटा के तहत होने वाले दाखिले के लिए गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी। पिछली सरकार के दौरान इस कोटे को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था, मगर सांसदों के भारी विरोध के बाद इस फैसले को वापस लेना पड़ा था।
काले धन को सफेद करने पर बैंकिंग के बेसिक रुल तोड़े गए

काले धन को सफेद करने पर बैंकिंग के बेसिक रुल तोड़े गए

नोट बंदी लागू होने के बाद विभिन्न हिस्सों में काले धन को सफेद करने में बैंकों व बैंककर्मियों की भूमिका संदिग्‍ध है। यूं कहा जाए कि पीएम नरेंद्र मोदी के इस कदम के बाद देश के बैंकिंग ढांचे की कलई खुल गई है। तीन वर्ष पहले एक वेबसाइट की तरफ से निजी व सरकारी बैंकों में काले धन को सफेद करने के गोरखधंधे का जो खुलासा हुआ था वह बदस्तूर जारी है। इस बीच आरबीआइ ने नियमों में कड़ाई बरती है। बैंकों पर जुर्माना लगाया लेकिन इन्हें नजर अंदाज करने वालों पर कोई लगाम नहीं लग पाया है।
नोटबंदी : मुद्रा के अवैध विनिमय में बैंक कैशियर से लेकर मैनेजर तक शामिल

नोटबंदी : मुद्रा के अवैध विनिमय में बैंक कैशियर से लेकर मैनेजर तक शामिल

पांच सौ और एक हजार के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद से देश भर में करोड़ों लोग भले ही अब भी अपने कुछ हजार रुपये निकालने के लिए बैंकों के आगे घंटों इंतजार कर रहे हों, लेकिन कुछ लोगों को अपने करोड़ों रुपए को एक्सचेंज करने में कुछ मिनट भी नहीं लग रहे।
घर में कैश रखने की सीमा भी तय होगी!

घर में कैश रखने की सीमा भी तय होगी!

नोटबंदी के बाद काले धन पर छापेमारी में बरामद हो रही भारी भरकम नकदी को देखते हुए सरकार आने वाले दिनों में इसे घर पर रखने की सीमा भी तय कर सकती है। ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति एक निश्चित सीमा से अधिक धनराशि कैश में नहीं रख पाएगा।
'नोटबंदी से कुछ नहीं हुआ, लोगों ने बस कतारों में लग जान गंवाई'

'नोटबंदी से कुछ नहीं हुआ, लोगों ने बस कतारों में लग जान गंवाई'

महाराष्‍ट्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने नोटबंदी पर केंद्र सरकार को जमकर कोसा है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नोटबंदी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।
30 दिसंबर तक 1 बार ही जमा होंगे 5 हजार से ज्यादा के पुराने नोट

30 दिसंबर तक 1 बार ही जमा होंगे 5 हजार से ज्यादा के पुराने नोट

भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को 30 दिसंबर तक एक बैंक खाते में 500 और 1,000 के पुराने या बंद नोटाें में 5,000 रुपये से अधिक की राशि जमा कराने पर कड़े अंकुश लगा दिए। अब 30 दिसंबर तक एक बैंक खाते में पुराने नोटाें में सिर्फ एक बार ही 5,000 रुपये से अधिक की राशि जमा कराई जा सकेगी। इसके लिए जमाकर्ता को बैंक अधिकारियाें को अभी तक पैसा जमा न कराने की वजह बतानी होगी।
नोटबंदी : बैंकों में जमा रकम की गिनती में गलती, सरकार को संदेह

नोटबंदी : बैंकों में जमा रकम की गिनती में गलती, सरकार को संदेह

नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार को लगता है कि बैंकों के पास जो पैसा आया है, शायद उनकी गिनती ठीक से नहीं हुई है। बैंकों के पास बंद हो चुके 13 लाख करोड़ रुपये के नोट आ चुके हैं। इस तरह से जितनी मुद्रा को निरस्‍त किया गया था, वह पूरी रकम उन्हें मिल चुकी है। जबकि पुराने नोटों को जमा कराने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर है। सरकार ने रिजर्व बैंक और बैंकों से जमा कराए गए नोटों को फिर से जांचने को कहा है।
दलित छात्रों की स्कॉलरशिप : मोदी सरकार ने 8000 करोड़ का नहीं किया भुगतान

दलित छात्रों की स्कॉलरशिप : मोदी सरकार ने 8000 करोड़ का नहीं किया भुगतान

केंद्र की मोदी सरकार ने दलित छात्रों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप की राशि का काफी समय से भुगतान नहीं किया है। स्‍कालरशिप का बकाया बढ़कर 8000 करोड़ रुपये हो गया है। केंद्र सरकार दरअसल पोस्ट मैट्रिक के मेधावी छात्रों के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप पर ध्‍यान अधिक दे रही है। सरकार ने इसके लिए राज्यों को पूरी राशि भी आवंटित कर दी है।
नकदी नहीं मिली तो बैंक के स्‍ट्रांग रूम की चाबी छीनी, बेल्ट से गला भी दबाया

नकदी नहीं मिली तो बैंक के स्‍ट्रांग रूम की चाबी छीनी, बेल्ट से गला भी दबाया

नोटबंदी को एक माह से भी अधिक का समय हो गया है लेकिन नागरिकों को नकदी की आपूर्ति अभी तक सही ढंग से नहीं हो रही है। इसके अलावा कहीं-कहीं दबंग बिना लाइन मेंं लगे बैंक से नकदी लेने पर आमादा हैं। रकम नहीं मिलने से लोग अब हिंसक होने लगे हैं। बैंकों से धन ना मिलने से नाराज लोग हमले और तोड़फोड़ करने पर उतारु हो गए हैं।
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