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मैगज़ीन डिटेल

आवरण कथा/आपदा: तरक्की का भुलावा तबाही को बुलावा

जलवायु परिवर्तन, धारासार बारिश और भूस्खलन की तबाही का चश्मदीद इस साल ऐसी घटनाओं से एक हद तक अनजान हिमाचल प्रदेश बना और लगभग समूचा उत्तर भारत बाढ़ में डूबने-उतराने लगा, हिमालय यही चेतावनी दूसरे इलाकों में दे चुका है लेकिन विकास की धारा अनसुना करने की जिद पर अड़ी, क्या है हल?

आवरण कथा/ हिमाचल प्रदेश: अंधाधुंध विकास का अभिशाप

अप्रत्याशित बारिश और बाढ़ से हुई तबाही में चरमराया प्रदेश क्या विकास परियोजनाओं पर फिर से विचार करेगा

आवरण कथा/ हिमाचल प्रदेश/इंटरव्यू/सुखविंदर सिंह सुक्खूः यह मदद का समय है

तबाही बहुत बड़ी, अकल्पनीय है। बारिश ने पिछले 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है

आवरण कथा/उत्तराखंड: विकास की कीमत

अनियंत्रित और अवैज्ञानिक विकास की अवधारणा ने किया बंटाधार

आवरण कथा/पंजाब-हरियाणा: बाढ़ में राजनीति लीला

भारी बारिश और बाढ़ से हुई जबरदस्त तबाही के बीच नेताओं के अपने-अपने राजनीतिक दांव

आवरण कथा/कश्मीर-लद्दाख: वादी में बर्बादी की सड़क-सुरंगें

कश्मीर घाटी में जलवायु परिवर्तन और सड़क-सुरंगें बिछाने के अवैज्ञानिक तरीकों से भूस्खलन और बाढ़ के खतरे बढ़े

आवरण कथा/नजरिया: हिमालयी जन की पीड़ा

कुदरती आपदा का हल्ला कर देश के बुनियादी ढांचे को निजी हाथों में बेचने का मास्टरप्लान विनाश की जड़

आवरण कथा/इंटरव्यू: “यह तबाही तो हमने मोल ली है”

हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह अरसे से हिमाचल प्रदेश में पहाड़, नदी, जंगल, पर्यावरण बचाने के संघर्ष में जुटे हुए हैं। हालिया तबाही पर उनसे अभिषेक श्रीवास्तव ने विस्तार से बातचीत की। प्रमुख अंश:

खेल: सबसे अमीर खिलाड़ी

जैसे–जैसे खेल जगत को अहमियत मिलने लगी, खिलाड़ियों के दिन फिर गए। अब खेल जगत अरबों-खरबों का साम्राज्य बन गया है और खिलाड़ी माया के स्वामी

फिल्म/इंटरव्यू: “मैं दिखावा नहीं कर सकती”

जब तक मैं कंफर्ट जोन में काम करती रहूंगी, तब तक कुछ सार्थक, कुछ महत्वपूर्ण करना संभव नहीं होगा

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की हलचल

समान नागरिक संहिता/नजरिया: एकीकरण का तर्क ठीक नहीं

पर्सनल लॉ में कोई भी बदलाव भारतीय समाज में और धार्मिक टकराव ही पैदा करेगा, उसे जोड़ेगा नहीं

पुस्तक समीक्षा: एक नायाब लेखिका कई नायाब औरतें

किताब याद दिलाती है कि सत्ता लेखकों को नहीं बचाती, बचाती उनकी किताबें हैं जिन्हें उनके दोस्त बचाते हैं

प्रथम दृष्टि: दो पीढ़ियों की टक्कर

विंबलडन में हाल के वर्षों में कमाल के मैच कम ही देखे गए। जोकोविच अपनी आठवीं ख़िताब जीतने के लिए कोर्ट में उतरे थे तो अल्काराज अपनी पहली विंबलडन ट्राफी के लिए। आखिरकार रोमांचक मैच में जीत युवा खिलाड़ी की हुई

संपादक के नाम पत्र

भारत भर से आई पाठको की चिट्ठियां

शहरनामा/उदयपुर

मेवाड़ी ठसक है यहां की पहचान

स्मृति: होने का हल्कापन

हमारा समय झूठ के विस्तार और आधिपत्य का है। मिलान कुन्देरा ने हमें चेताया है कि झूठ के साम्राज्य से, फिर वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, अनाक्रान्त रहकर साहित्य का धर्म सच बोलना है