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Search Result : "आलोक कुमार"

नीतीश और राजनाथ अब भी निभाते हैं मेल-जोल की पुरानी परंपरा

नीतीश और राजनाथ अब भी निभाते हैं मेल-जोल की पुरानी परंपरा

केंद्र में सत्ताशीन भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष के नेताओं के बीच तनाव और कड़वाहट की खबरें मीडिया में आए दिन सुर्खियां बनती रहती हैं। लेकिन कभी-कभार ऐसे मौके दिख जाते हैं, जब राजनीतिक नेता निजी संबंधों को अहमियत देने की परंपरा निभाते नजर आते हैं। हाल में दिल्ली में कुछ ऐसे राजनीतिक आयोजन हुए, जिनमें कट्टर विरोधी एक-दूसरे से हंसते-बोलते दिखे। शुरुआत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की, जो दो दिनों के लिए दिल्ली दौरे पर आए और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं से बाहें खोलकर मिले-बतियाए।
चर्चाः वेतन बढ़ाने के साथ रिश्वतखोरों को सजा जरूरी | आलोक मेहता

चर्चाः वेतन बढ़ाने के साथ रिश्वतखोरों को सजा जरूरी | आलोक मेहता

मेहरबान मोदी सरकार ने केंद्र सरकार से जुड़े 47 लाख कर्मचारियों का वेतन ढाई गुना बढ़ा दिया। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अधिकारियों-सचिवों ने रिकार्ड तोड़ फुर्ती से वेतन बढ़ोतरी का इंतजाम कर दिया। फिर भी कर्मचारी संगठन पूरी तरह संतुष्‍ट नहीं हैं।
चर्चाः चुनावी चक्रव्यूह की नई चुनौती | आलोक मेहता

चर्चाः चुनावी चक्रव्यूह की नई चुनौती | आलोक मेहता

लोकतंत्र में चुनाव मतदाताओं के लिए पर्व और पार्टियों तथा उम्मीदवारों के लिए चुनौती होता है। चुनाव आयोग पारदर्शिता एवं अधिकाधिक भागीदारी के साथ खर्च में नियंत्रण तथा अन्य सुधारों के लिए लगातार सिफारिशें करता रहा है। इन सिफारिशों पर सरकार तथा संसद को अमल करना है।
संगकारा की टीम में द्रविड़ एकमात्र भारतीय, तेंदुलकर को जगह नहीं

संगकारा की टीम में द्रविड़ एकमात्र भारतीय, तेंदुलकर को जगह नहीं

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को कुमार संगकारा की सर्वकालिक एकादश सूची में जगह नहीं मिली है जबकि श्रीलंका के इस पूर्व क्रिकेट कप्तान ने अपनी टीम में राहुल द्रविड़ के रूप में एकमात्र भारतीय को चुना है।
चर्चा: छोटे पर्दे पर धार बिना तलवारबाजी। आलोक मेहता

चर्चा: छोटे पर्दे पर धार बिना तलवारबाजी। आलोक मेहता

मीडिया के कुछ लोगों को तो पूर्वाग्रही कहा जा सकता है और प्रतियोगी भाव कि प्रधानमंत्री ने अर्णब गोस्वामी को ही पहले इंटरव्यू के लिए क्यों चुना? हम जैसे पत्रकार मानते हैं कि यह अर्णब गोस्वामी की बड़ी सफलता है, जो प्रधानमंत्री को अपने चैनेल को इंटरव्यू के लिए तैयार कर सके। इसी तरह नरेंद्र मोदी ने भी पुराने ढर्रे को त्यागकर दूरदर्शन अथवा लोक सभा, राज्य सभा टी.वी. चैनलों के बजाय एक निजी चैनल को इंटरव्यू देने का फैसला कर नया अध्याय जोड़ा। यूं उनकी सरकार दावा यही करती है कि प्रसार भारती के दूरदर्शन चैनल की पहुंच दूरदराज के गांवों सहित देश के हर कोने में है, जहां निजी अंग्रेजी चैनल तो क्या हिंदी चैनल की पहुंच भी नहीं है।
चर्चाः एनएसजी से अधिक जरूरी एनडीवी | आलोक मेहता

चर्चाः एनएसजी से अधिक जरूरी एनडीवी | आलोक मेहता

पूर्व विदेश मंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा, ‘एनएसजी (न्यूक्लियर सप्सायर ग्रुप) की सदस्यता पाकर भारत को कोई फायदा नहीं होगा, नुकसान ही होगा। इसलिए उस पर उतावलेपन की जरूरत नहीं थी।’
चर्चा : जनमत संग्रह के भूत का मोह। आलोक मेहता

चर्चा : जनमत संग्रह के भूत का मोह। आलोक मेहता

ब्रिटेन पर कब कितना असर होगा, कोई नहीं बता सकता। लेकिन जनमत संग्रह के हिंदुस्तानी प्रवर्तक अरविंद केजरीवाल ‘भूत-चुड़ैल-आत्मा’ को जगाने-बुलाने के तमाशे में माहिर हैं। वह पिछले दो वर्षों के दौरान ‘जनमत संग्रह’ शैली में डेढ़ करोड़ की आबादी में से डेढ़ लाख के नाम पर बटन दबवाकर अपना फरमान जारी करते रहे हैं।
चर्चाः दुनिया में ‘एकला चलो’ का खेल | आलोक मेहता

चर्चाः दुनिया में ‘एकला चलो’ का खेल | आलोक मेहता

ब्रिटेन के जनमत संग्रह में बहुमत ने यूरोपीय समुदाय से अलग होने का फैसला किया। यूं लगभग 48 प्रतिशत जनता समुदाय में रहने के पक्ष में थी, लेकिन लोकतंत्र में एक हजार हो या दस लाख, मतों का पलड़ा भारी होने पर विजयी सिकंदर हो जाता है।
चर्चाः धर्म का ‘ट्रंप कार्ड’ अमेरिका में भी | आलोक मेहता

चर्चाः धर्म का ‘ट्रंप कार्ड’ अमेरिका में भी | आलोक मेहता

अमेरिकी लोकतंत्र लगभग ढाई सौ वर्ष पुराना है। 1788 में संविधान को स्वीकृति मिली और 1790 में पहली राजनीतिक व्यवस्‍था लागू हुई। ब्रिटेन और इटली के प्राचीन लोकतंत्र का इतिहास इससे भी पुराना है। उस लोकतंत्र और आर्थिक सफलताओं के बल पर अमेरिका दुनिया की महाशक्ति के रूप में स्‍थापित हो गया।
मुक्केबाज मनोज कुमार ने हासिल किया ओलंपिक टिकट

मुक्केबाज मनोज कुमार ने हासिल किया ओलंपिक टिकट

राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व स्वर्ण पदकधारी मनोज कुमार (64 किग्रा) बाकू (अजरबेजान) में चल रही एआईबीए विश्व क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर ओलंपिक खेलों के लिये क्वालीफाई करने वाले भारत के दूसरे मुक्केबाज बन गये।
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