बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख सुप्रीमो लालू प्रसाद के बीच सीटों के बंटवारे पर ऊहापोह जारी है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नेपाल नहीं दिए जाने से उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के नेता इसके लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं। जद यू नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार नेपाल में भूकंप पीड़ितों के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का जायजा लेने जा रहे थे तो केंद्र सरकार ने रोक दिया। जद यू नेताओं से इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
राज्यसभा में गुरुवार को कई सदस्यों ने बाबा रामदेव पुत्रजीवक बीज दवा पर पर प्रतिबंध लगाने और इसे बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। बाबा रामदेव कई साल पहले भी अपनी दवाओं को लेकर विवादों में घिर चुके हैं।
बुधवार को दिल्ली में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के घर जनता परिवार के नेताओं की बैठक होगी। जिसमें सभी दलों के विलय को लेकर फैसला किया जाएगा। बैठक में इस बात पर अंतिम फैसला होगा कि जनता परिवार के सभी दलों का नया नाम क्या होगा।
जनता परिवार के विलय का औपचारिक ऐलान तो हो गया लेकिन नए दल का नाम और चुनाव चिन्ह क्या होगा इसको लेकर संशय बरकरार है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में बने नए दल की पहली परीक्षा बिहार विधानसभा चुनाव में होगी जहां इस साल के अंत में चुनाव होने हैं। मुलायम ही संसदीय दल के नेता भी होंगे।
जनता परिवार के एकजुट होने का रास्ता तैयार हो गया है। चुनाव चिन्ह साइकिल अब जनता परिवार के सभी दलों का चुनाव चिन्ह हो जाएगा और नई पार्टी का नाम होगा समाजवादी जनता दल। अगर इस नाम पर सहमति नहीं बन पाई तो समाजवादी जनता पार्टी नाम भी रखा जा सकता हैै।
काफी विवादों और तकरार के बाद खान एवं खनिजों के मामले में राज्यों को और अधिक अधिकार देने वाले चर्चित विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी मिल गई। कांग्रेस एवं वाम दलों को छोड़कर अधिकतर पार्टियों ने इसका समर्थन किया जबकि जदयू ने यह कह कर वाकआउट किया कि वह इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहता है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू के राज्यव्यापी आंदोलन के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तर्ज पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का 24 घंटे का सत्याग्रह और उपवास पटना स्थित जदयू मुख्यालय में शनिवार सुबह से शुरू हो गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले ही विश्वास मत हासिल कर लिया हो लेकिन इस साल के अंत में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में असल चुनौती अभी बाकी है।
जदयू, राजद और कांग्रेस गठबंधन के बिहार में बेहतर तालमेल को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बुधवार को बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना एक औपचारिकता मात्रा प्रतीत हो रहा है।