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शांत हो रहा है जमशेदपुर

शांत हो रहा है जमशेदपुर

इस्पात नगर जमशेदपुर में स्थिति सामान्य होने के बाद शनिवार 25 जुलाई को कर्फ्यू हटा लिया गया वहीं दंगा प्रभावित चार थाना क्षेत्रों में सुबह पांच बजे से लेकर शाम आठ बजे तक इसमें ढील दी गई है। एक वरिष्ठ जिला अधिकारी ने बताया कि कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
मन की व्यथा लिखी है पत्र मेंः  शांता कुमार

मन की व्यथा लिखी है पत्र मेंः शांता कुमार

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद शांता कुमार के फेसबुक पर डाले गए पत्र से भाजपा के अंदर खलबली मच गई है। यह पत्र पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को लिखा गया है। पत्र में शांता कुमार ने लिखा, ‘ घोटालों को लेकर खबरों से पार्टी का सिर झुक गया है।’ इस बवाल से संबंधित कुछ पहलुओं पर शांता कुमार ने अपने दिल्ली स्थित निवास पर बातचीत की। हालांकि इस बीच उन्हें शांत करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के फोन आते रहे।
आंदोलन पर उतरे सहाराकर्मी, काम किया ठप

आंदोलन पर उतरे सहाराकर्मी, काम किया ठप

राष्ट्रीय सहारा के नोएडा स्थित मुख्यालय पर बारिश के बावजूद छह महीने के बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर धरना कायम है। इसके चलते शुक्रवार से राष्ट्रीय सहारा अखबार और बाद में टेलीविजन के कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया है।
इरफान नहीं बनेंगे सरबजीत

इरफान नहीं बनेंगे सरबजीत

फिल्म अभिनेता इरफान खान ने निर्देशक ओमांग कुमार की आने वाली फिल्म सरबजीत में काम करने को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस फिल्म में काम नहीं कर रहे हैं। यह फिल्म पाकिस्तान में मारे गए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के जीवन पर आधारित है।
लोकतंत्र को कुचलने वाली ताकतें मजबूत हुईं: आडवाणी

लोकतंत्र को कुचलने वाली ताकतें मजबूत हुईं: आडवाणी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी ने यह कहकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है कि देश में लोकतंत्र को कुचलने में सक्षम ताकतें मजबूत हुई हैं और दोबारा इमर्जेंसी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
बेचारा नहीं रहा बिहार: नी‍तीश कुमार

बेचारा नहीं रहा बिहार: नी‍तीश कुमार

बिहार की राजनीति में अलग अंदाज में गठजोड़ करने में वह माहिर हैं। पुराने गठजोड़ों को नया रंग देने की कला में वह निपुण हैं। स्थिति के हिसाब से दुश्मनों को दोस्त और पुराने साथियों से अखाड़े में कुश्ती की कला में पारंगत हैं। जब ये लगने लगे कि बिहार उनके हाथ से निकल ही गया तो फिर वह अपनी नई चाल से खेवनहार बनने की दावेदारी पेश करते हैं। जिनको सत्ता से हटाने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी की कतारों को लामबंद किया, उन्हीं लालू प्रसाद यादव के साथ आज वह गलबहियां डाल उगता बिहार, नूतन बिहार के नारे के साथ वोट मांगने की तैयारी में हैं।
नीतीश के नाम पर आखिर क्यों मान गए लालू

नीतीश के नाम पर आखिर क्यों मान गए लालू

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नीतीश कुमार की घोषणा के बाद राजद नेताओं के बीच इस बात की खलबली मच गई कि अचानक यह सब कैसे हो गया। कल तक राजद प्रमुख लालू यादव इसके लिए असहमत थे लेकिन अचानक कैसे मान गए।
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