अनुशासनात्मक कार्रवाई और निष्कासन की चेतावनी से बेपरवाह एफटीआईआई के छात्रों ने कहा है कि 35 दिनों से चल रहा उनका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती। उनकी एक प्रमुख मांग टीवी कलाकार गजेंद्र चौहान को इस संस्थान के अध्यक्ष पद से हटाने की है।
पुणे स्थित फिल्म प्रशिक्षण संस्थान (एफटीआईआई) के विवाद में बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर भी संस्थान के छात्रों के समर्थन में आ गए हैं। ये छात्र गजेंद्र चौहान को एफटीआईआई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
कई दिनों चले विवाद के बाद आईआईटी-मद्रास ने अंबेडकर-पेरियार स्टडी सर्किल की मान्यता फिर से बहाल कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आलोचना को लेकर इस छात्र संगठन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लेकिन मामला तूल पकड़ता देख संस्थान को अपना फैसला बदलना पड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोगों को गर्मी में संभलकर रहने और अपना ख्याल रखने की सलाह जरूर दी। लेकिन भीषण गर्मी और लू से देश में हुई दो हजार से ज्यादा मौतों पर वह कुछ नहीं बोले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित आलोचना पर छात्रों के एक संगठन की मान्यता रद्द कर दिए जाने के विरोध में यहां आईआईटी मद्रास के बाहर एक सड़क को बंद करने का प्रयास करने के लिए वामपंथी छात्रा संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कई कार्यकर्ताओं को आज हिरासत में ले लिया गया।
बाज़ार को बेचने हैं सौंदर्य को बढ़ाने वाले संसाधन इसलिए ‘च्वाइसेस’ या विकल्पों की बात हो रही है। लेकिन मुझे परेशानी इस बात से ज्यादा है कि वही स्त्री जब भारत के सड़कों, गलियों, खेतों, खलिहानों, कस्बों में बलत्कृत, क्षत-विक्षत मृत शरीर के रूप मे पाई जाती है। तब ना आपको उस पर बात करने से गुरेज है और ना उसका छायांकन करने में। लेकिन वही स्त्री जीवित अवस्था में अपने उसी शरीर पर हक की बातें करती है तो आपको 'परिवार व्यवस्था' से लेकर 'स्त्री देवी' के भ्रम के टूटने की धमक सुनाई देने लगती है।
छात्रों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक प्रमुख समूह ने छात्रों के वकीलों और हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के साथ मिलकर जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से अपील की है कि वह रेजीडेंस हॉल के सूचना बोर्ड पर हिंदू स्वस्तिक चिन लगाए जाने पर एक यहूदी छात्र के निलंबन को निरस्त कर दे। इस छात्र ने यह चिन अपनी भारत यात्रा के दौरान लिया था।
जब वह मेरे दफ्तर मिलने के लिए आए तो अचानक ही लगा कि मेरा दफ्तर भी विकलांग व्यक्ति के लिए कितना असुविधाजनक है। वह हथेलियों में हवाई चप्पल पहने हुए पूरी सहजता और जबर्दस्त आत्मविश्वास के साथ दफ्तर में आ चुके थे। तकरीबन लपकते हुए वह कुर्सी की ओर बढ़े।