एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा जारी किये गये एक अध्ययन के मुताबिक भारत में 2015 के मुकाबले 2016 में मौत की सजा के मामलों में 81 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक ओर जहां रेपो रेट में कोई बदलाव न करके 6.25 फीसदी पर बरकरार रखा है, वहीं रिवर्स रेपो रेट को 5.75 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया है। आरबीआई ने सीआरआर में भी कोई बदलाव न करके 4 फीसदी पर ही स्थिर रखा है।
चीन ने क्षेत्रीय विवादों में बाहरी दखल से रक्षा के लिए प्रतिबद्धता के बीच आज कहा कि वह इस वर्ष अपने रक्षा खर्च को करीब सात प्रतिशत तक बढ़ाएगा। चीनी संसद द नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की प्रवक्ता फू यिंग ने रक्षा खर्च को बढ़ाए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि चीन का रक्षा खर्च देश के सकल घरेलू उत्पाद का 1.3 प्रतिशत रहेगा।
रोगियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने कोरोनरी स्टेंट की कीमत 85 प्रतिशत तक कम कर दी है और बेयर मेटल के स्टेंट की कीमत 7,260 रुपये और दवा घुलने वाले स्टेंट के दाम 29,600 तय किये गये हैं।
देश के वर्ष 2017-18 के बजट में बच्चों के कल्याण के वास्ते भले ही आवंटन में बढ़ोतरी की गयी हो लेकिन बाल अधिकारों पर काम करने वालों ने बच्चों के कार्यक्रमों के लिए हुई नाममात्र बढ़ोतरी को निराशाजनक करार दिया है। गौरतलब है कि देश की आबादी का 39 प्रतिशत जनसंख्या बच्चों की है।
सॉफ्टवेयर और लोहा से नमक तक बनाने वाले देश के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा की धारक कंपनी टाटा संस ने समूह की एक कंपनी टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन को अपना नया कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त करने की घोषणा की है। चंद्रशेखरन को इस पद के सर्वाधिक उपयुक्त बताया जा रहा था और आखिरकार उन्हें मेहनत का फल मिला है। खासबात यह है कि चंद्रशेखरन टाटा संस के पहले गैर पारसी चेयरमैन होंगे।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.26 रुपये तथा डीजल के मूल्य में 1.78 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की योजना टाल दी है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन, भारत पेटोलियम कारपोरेशन तथा हिंदुस्तान पेटोलियम कारपोरेशन (एचपीसीएल) प्रत्येक महीने की पहली और 16 तारीख को पिछले पखवाड़े में अंतरराष्टीय बाजार में औसत कीमत के आधार पर दरों में संशोधन करती हैं।
घरेलू वाहन कंपनी टाटा मोटर्स ने अगले महीने से अपने यात्री वाहनों के दामों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। उत्पादन लागत में वृद्धि के बोझ को कम करने के लिए कंपनी यह कदम उठा रही है।