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एक कैशलैस पद्धति यह भी, ओडिशा में मजदूरी के बदले मजदूरी फिर शुरू

एक कैशलैस पद्धति यह भी, ओडिशा में मजदूरी के बदले मजदूरी फिर शुरू

विमुद्रीकरण के बाद ओडिशा में धान फसल की कटाई के साथ ही पुराने दिनों की श्रम अदलाबदली की परंपरा बदलिया भी फिर से शुरू हो गयी है। बदलिया एक-दूसरे के खेतों में मजदूरी के बदले मजदूरी करने की परंपरा है, जिससे ओडिशा के तटीय जिलों के कुछ हिस्सों में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं।
सरकार का दावा नोटबंदी का रबी की बुआई पर कोई असर नहीं

सरकार का दावा नोटबंदी का रबी की बुआई पर कोई असर नहीं

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह का कहना है कि नोटबंदी का रबी की बुआई पर कोई असर नहीं पड़ा है और 2 दिसंबर तक के आंकड़े के अनुसार रबी की बुआई के रकबे में पिछले वर्ष की तुलना में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। कृषि मंत्री ने कहा कि देश भर में 2 दिसंबर 2016 तक कुल रबी फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 382.84 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 415.53 लाख हेक्टेयर है, जो कि 32.70 लाख हेक्टेयर (8.54%) से अधिक है।
नोटबंदी : रबी की बुआई में हो सकती है 20 फीसदी गिरावट

नोटबंदी : रबी की बुआई में हो सकती है 20 फीसदी गिरावट

महाराष्‍ट्र में रबी फसलों की बुआई में 20 फीसदी गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि राज्य में बीज और खाद की बिक्री बड़े नोटों 500 और 1000 रुपए के बंद होने से प्रभावित हो गई है।
नोटबंदी:अमरोहा में अंतिम संस्‍कार के लिए पैसे जुटाने मुर्दे को ही लाइन में लगाया

नोटबंदी:अमरोहा में अंतिम संस्‍कार के लिए पैसे जुटाने मुर्दे को ही लाइन में लगाया

मोदी सरकार द्वारा पांंच सौ और हज़ार रुपए के नोट को चलन से बाहर करने का सर्वाधिक असर उत्तर प्रदेश पर पड़ा है। प्रदेश में काम-धंधे लगभग बंद हैं और रबी की फ़सल की बुआई भी प्रभावित हुई है। स्कूल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी आधी रह गई है। जिसे देखो वही बैंकों की लाइन में लगा है।
जहरीले धुएं का अभिशाप

जहरीले धुएं का अभिशाप

दुनिया के शीर्ष देशों में गिने जाने वाले भारत की राजधानी अपने ही कर्मों से शापग्रस्त लग रही है। संस्कृति और संपन्नता के उल्लास में करोड़ों रुपयों की आतिशबाजी और सफल पड़ोसी कृषि राज्यों में खेतों की सफाई के लिए लगाई जा रही आग के धुएं से लाखों दिल्लीवासी सांस में जहरीली हवा ग्रहण कर रहे हैं।
भारत, म्यामां सुरक्षा, आर्थिक संबंधों को गहरा बनाएंगे

भारत, म्यामां सुरक्षा, आर्थिक संबंधों को गहरा बनाएंगे

सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भारत और म्यामां ने 1640 किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी करने समेत विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय किया, साथ ही दोनों पड़ोसी देशों ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का वित्त पोषण करने या समर्थन करने वालों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
पीएम ने फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों का सहयोग मांगा

पीएम ने फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों का सहयोग मांगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संकुचित होती भूमि और घटते जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक उपायों का इस्तेमाल करने की जरूरत पर जोर दिया। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की प्लेटिनम जयंती के मौके पर दिल्ली में वैज्ञानिकों को अपने संबोधन में मोदी ने कहा, जैसा कि मैंने हमेशा कहा है, हर बूंद के साथ अधिक फसल। हमें इस तरह भी सोचना होगा- जमीन के हर एक इंच के साथ फसल का गुच्छा।
इस बार अच्छी पैदावार, जमाखोर अपनी दाल निकालें वरना घाटे में रहेंगे: पासवान

इस बार अच्छी पैदावार, जमाखोर अपनी दाल निकालें वरना घाटे में रहेंगे: पासवान

देश में अरहर दाल की इस बार भरपूर पैदावार होने का दावा करते हुए केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि जो जमाखोर अरहर की दाल इस लालच में जमा किए हुए हैं कि एक बार फिर अरहर के दाम बढ़ेंगे तो वह इस मुगालते में न रहें और अपनी दाल बाजार में निकाल दें, क्योंकि फसल अच्छी होने के कारण इस बार उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं है।
92 पैसे में ट्रेन यात्रियों के लिए 10 लाख रुपये का बीमा कवर

92 पैसे में ट्रेन यात्रियों के लिए 10 लाख रुपये का बीमा कवर

रेलवे ने आज ऐसी योजना की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत ट्रेन से यात्रा में किसी भी व्यक्ति को 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
एमपी के गृह मंत्री बोले:फसल की खराबी नहीं,भूतों के डर से किसानों ने की खुदकुशी

एमपी के गृह मंत्री बोले:फसल की खराबी नहीं,भूतों के डर से किसानों ने की खुदकुशी

मध्यप्रदेश विधानसभा में गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने एक सदस्‍य के जवाब में कहा कि प्रदेश के सीहाेर जिले में फसल खराब होनेे से नहीं बल्कि भूत-प्रेत की डर की वजह से किसानों ने आत्‍महत्‍या की। मंत्री के एेसे जवाब पर सदस्यों में हंसी के ठहाके फूट पड़े। उल्‍लेखनीय है कि सीहोर जिले में पिछले तीन सालों में 418 लोगों ने विभिन्न कारणों से आत्महत्या की है और जिसमें कुछ लोगों ने भूत-प्रेत का साया होने के कारण खुदकुशी की है।