बच्चों को अपराध से रोकने के साथ-साथ उन पर होने वाले जुल्म से बचाने के लिए किशोर न्याय अधिनियम लागू हो गया है। इसके तहत बच्चों से मारपीट करने पर अभिभावक को भी सजा का प्रावधान है।
भ्रष्टाचार निरोधक निकाय लोकपाल के अध्यक्ष पद के लिए कुल 16 आवेदन आए हैं। आवेदन करने वालों में उच्चतम न्यायालय के तीन पूर्व न्यायाधीश के अलावा उच्च न्यायालय के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने भी आवेदन किया है। इनके अलावा यूजीसी के एक पूर्व सदस्य और एक सूचना आयुक्त समेत कुल 16 लोगों ने लोकपाल के अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी जताई है। यह जानकारी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सूची जारी कर दी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में राम मंदिर के निर्माण पर आयोजित सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि कोई भी कार्य बलपूर्वक या कानून के खिलाफ नहीं किया जाएगा। सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के जारी विरोध के बीच स्वामी ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हमारी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी है और जब तक इसका निर्माण नहीं होता है तब तक हम इसे नहीं छोड़ेंगे।
सालाना दस लाख रुपये से अधिक आय वाले करदाताओं को अगले महीने से सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर (एलपीजी) नहीं मिलेगा। सरकार ने सब्सिडी में कमी के लिए रियायती दरों पर सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित करने का फैसला किया है।
निर्भया कांड के नाबालिग दोषी की रिहाई के बाद सरकार पर किशोर न्याय संशोधन विधेयक को संसद में पारित कराने का दबाव बढ़ गया है। इस विधेयक में जघन्य अपराधों में शामिल 16 साल से ऊपर के किशोरों को व्यस्कों जैसी सजा देने का प्रावधान है। इस विधेयक पर आज राज्यसभा में चर्चा और इसके पास होने की उम्मीद की जा रही है।
राज्यसभा में आज विभिन्न दलों के सदस्यों ने किशोर न्याय कानून में संशोधन के प्रावधान वाले विधेयक को जल्दी पारित किए जाने पर बल दिया। इसके कुछ देर पहले ही उच्चतम न्यायालय ने निर्भया मामले में नाबालिग दोषी की रिहाई के खिलाफ एक याचिका को खारिज कर दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गौवध पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। अदालत का कहना है कि यह मामला न्यायिक फैसले के दायरे से बाहर है और एक नीतिगत मसला है।
भ्रष्टाचार रोधक विभिन्न सरकारी इकाइयों के कार्यों में परस्पर दोहराव को देखते हुए संसदीय समिति ने आज केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी शाखा को सीधे लोकपाल की कमान और नियंत्रण में लाए जाने की सिफारिश की। समिति ने इसके साथ ही लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन में लोकसभा में कोई मान्य नेता विपक्ष नहीं होने की सूरत में सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को चयन समिति में बतौर सदस्य शामिल करने का भी सुझाव दिया।