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रवि की मौत की जांच सीबीआई को

रवि की मौत की जांच सीबीआई को

कर्नाटक सरकार ने आईएएस ऑफिसर डी.के. रवि की मौत का मामला सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने राज्य विधानसभा में यह घोषणा की। विपक्षी दल और रवि के परिवार के लोग शुरू से ही मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे जबकि सरकार ऐसा नहीं चाहती थी।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा फांसी रोके पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र ने कहा फांसी रोके पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से कहा है कि उन्हें मृत्युदंड पर जल्द से जल्द रोक लगानी चाहिए। पाकिस्तान में फांसी की सजा में वृद्धि पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार से कहा है कि मृत्युदंड पर जल्द से जल्द रोक लगाने को कहा है।
रवि की मौत की सीबीआइ जांच कराए कर्नाटक सरकारः सोनिया

रवि की मौत की सीबीआइ जांच कराए कर्नाटक सरकारः सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कर्नाटक के आईएएस अधिकारी डी.के. रवि की रहस्यमयी मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने की सलाह राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को दी है।
संसद में उठा आइएएस की मौत का मामला

संसद में उठा आइएएस की मौत का मामला

कर्नाटक के आइएएस अधिकारी डीके रवि की मौत की सीबीआइ से जांच कराने की मांग आज संसद के दोनों सदनों में उठने पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ऐसा कहे जाने पर केंद्र तुरंत इसका आदेश देगा।
आइएएस रवि की मौत में सीबीआइ जांच नहीं

आइएएस रवि की मौत में सीबीआइ जांच नहीं

आइएएस अधिकारी डी. के. रवि के पिता ने बुधवार को कहा कि उन्हें अपने बेटे की मौत में गहरी साजिश का अंदेशा है। उन्होंने कहा, ‘लगता है कि वह बिल्डरों के दबाव में जी रहा था।’
संयुक्त राष्ट्र और उत्तर कोरिया आमने-सामने

संयुक्त राष्ट्र और उत्तर कोरिया आमने-सामने

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि विदेशों में उत्तर कोरिया के तकरीबन बीस हजार बंधुआ मजदूर हैं और उनमें से ज्यादातर चीन और रूस में हैं जबकि उत्तर कोरिया ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण करार दिया है।
कहां उलझी है कॉरपोरेट जासूसी की जांच

कहां उलझी है कॉरपोरेट जासूसी की जांच

कॉरपारेट जासूसी का मामला रहस्यमयी होता जा रहा है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच अलग-अलग चल रही है और दोनों ही मामलों में कोई नतीजा सामने नहीं आ रहा है। संसद में मचे हंगामे के बाद सरकार का बयान भी आया कि अभी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। इससे जाहिर है कि सरकार और जांच एजेसियों में तालमेल सही नहीं हो पाने के कारण किसी नतीजे पर पहुंच पाना मुश्किल दिख रहा है।
तीस्ता को घेरने की एक और कोशिश

तीस्ता को घेरने की एक और कोशिश

गुजरात दंगों में पीडितों की आवाज उठाने वाली ऐक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड को परेशान करने की प्रक्रिया जारी है। अब एक और मामले में तीस्ता को घेरने की कोशिश की जा रही है। गुजरात की भारतीय जनता पार्टी सरकार तीस्ता की धुर विरोधी रही है। तीस्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी कट्टर आलोचक रही हैं। यही वजह है कि उन्हें एक के बाद दूसरे मामले में फंसाया जा रहा है।
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