सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज कहा कि अपनी शिकायतों को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले जवानों को सजा दी जा सकती है क्योंकि उनके इस कृत्य से देश की सीमाओं की रक्षा करने वालों का मनोबल गिरता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के भारत के खिलाफ लगातार छद्म युद्ध करने के बावजूद हम नियंत्रण रेखा पर शांति बहाल करना चाहते हैं।
सेना के एक जवान समेत सुरक्षा बलों के कुछ जवानों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शिकायतें उठाने के बीच सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने आज सैनिकों से कहा कि अपनी बात देशभर के सेना मुख्यालयों में विभिन्न जगहों में रखी जाने वाली सुझाव-सह-शिकायत पेटिकाओं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचाएं।
अखिलेश यादव पर रविवार दोपहर कुछ नरम दिखने वाले वाले मुलायम सिंह शाम होते-होते फिर सख्त हो गए। रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुलायम ने साफ कर दिया कि वह एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, शिवपाल यादव यूपी के प्रदेश अध्यक्ष और अखिलेश यूपी के सीएम।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि नोटबंदी को आम जनता का व्यापक समर्थन मिला हैै। विपक्ष नकारात्मक राजनीति करते हुए विकास का रास्ता रोक रहा है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारियों से शाह ने कहा कि विपक्ष विकास के क्रम में रुकावट पैदा कर रहा है।
अमेरिकी सेना ने खुद को अल्पसंख्यक धर्मो और संस्कृतियों के संदर्भ में अधिक समावेशी बनाते हुए हाल ही में एक नया नियमन जारी किया है। इस नियमन के जरिए सेना ने पगड़ी, हिजाब पहनने वाले या दाढ़ी रखने वाले लोगों को सेना में भर्ती होने की मंजूरी दे दी है।
वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर बिपिन रावत को आर्मी चीफ बनाए जाने के सरकार के फैसले का रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जोरदार ढंग से बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि अगर वरिष्ठता पर ही फैसला करना होता तो रक्षा मंत्री का क्या काम होता, यह काम तो कंप्यूटर का होता। इस बीच सरकार ने संकेत दिया है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद अमेरिका की तर्ज पर नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अध्यादेशों को बार-बार लाने पर ऐतराज जताया है। कोर्ट ने कहा कि यह संविधान के साथ 'धोखा' है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को क्षति पहुंचाने वाली प्रक्रिया है, खासकर तब जब सरकार लगातार अध्यादेशों को विधायिका के सामने रखने से बच रही हो।
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह जोखिम भरे इलाकों में सेना के लिए काम करने वाले सहायकों :पोर्टर: को बेहतर भुगतान, चिकित्सा सुविधा, बढ़ी हुई आर्थिक सहायता और सेवा से अलग होने की स्थिति में 50,000 रूपये की प्रस्तावित राशि से अधिक का अनुदान देने के लिए एक योजना तैयार करे।