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Search Result : "स्‍थानीय निकाय"

निकाय चुनावः मोदी के गृह जिले में हारी भाजपा

निकाय चुनावः मोदी के गृह जिले में हारी भाजपा

गुजरात के निकाय चुनाव राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के लिए झटका साबित हुए हैं। हालांकि राज्य की सभी छह नगर निगमों में पार्टी ने फिर से अपनी सत्ता कायम कर ली है मगर राज्य के ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह जिले मेहसाणा के जिला पंचायत और नगरपालिका दोनों जगह कांग्रेस की जीत हुई है।
नए अंदाज में आगाज

नए अंदाज में आगाज

सफलता नए विचारों से इतर भी कई चीजों में निहित है। कुछ सफल उद्यमियों का सफर आैर अनुभव पेश है
दिल्‍ली में डेंगू केस 2000 पार, स्‍थानीय निकायों की पोल खुली

दिल्‍ली में डेंगू केस 2000 पार, स्‍थानीय निकायों की पोल खुली

राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच, नगर निकायों की भूमिका पर सवाल उठाने लगे हैं। लोगों का मानना है कि मच्छर जनित बीमारी से निपटने में स्‍थानीय नगर निगमों की लचर तैयारियाें की पोल खोल खुल गई है। दिल्ली में डेंगू के कुल मामले 2000 की संख्या को पार कर ग हैं। सितंबर में ही 1200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
वसुंधरा के गढ़ में खिसकती भाजपा की सियासी जमीन

वसुंधरा के गढ़ में खिसकती भाजपा की सियासी जमीन

राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों में झालावाड़ और धौलपुर जिलो में करारी हार ने सत्तारूढ़ बीजेपी से उत्सव के लम्हें छीन लिए। मध्य प्रदेश की सीमा से सटा झालावाड़ मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे और उनके सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह का राजनैतिक कार्य क्षेत्र है तो धौलपुर गृह जिला। झालावाड़ संसदीय क्षेत्र में ही बारां जिले में भी बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा है।
निकाय चुनावः भाजपा की जीत लेकिन वसुंधरा का गढ़ ध्वस्त

निकाय चुनावः भाजपा की जीत लेकिन वसुंधरा का गढ़ ध्वस्त

वसुंधरा राजे और ललित मोदी प्रकरण का राजस्‍थान के स्‍थानीय निकाय चुनावों में भाजपा पर सीधा असर तो नहीं पड़ा है मगर लगता है खुद वसुंधरा राजे के क्षेत्र में इसका गहरा असर हुआ है। शायद तभी पूरे राज्य में निकाय चुनाव में सबसे आगे रहने वाली भाजपा वसुंधरा के गढ़ माने जाने वाले धौलपुर, झालावाड़ और बांरा में कांग्रेस से हार गई है।
वोट नहीं डालने पर लगेगा 100 रुपये जुर्माना!

वोट नहीं डालने पर लगेगा 100 रुपये जुर्माना!

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव में नियम के मुताबिक मत नहीं डालने वाले तथा इसके लिए कोई वाजिब कारण नहीं बताने वाले मतदाताओं पर 100 रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

शिवसेना ने साफ कर दिया है कि कोल्हापुर निकाय चुनाव वह अपने दम पर लड़ेगी और भाजपा से गठबंधन नहीं करेगी। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में 25 वर्ष तक साथ चले दोनों दलों के दिल एक दूसरे से भर चुके हैं और सिर्फ सियासी मजबूरी ने ही उन्हें राज्य सरकार में एक साथ बना रखा है।
गुजरात में अनिवार्य मतदान पर बवाल

गुजरात में अनिवार्य मतदान पर बवाल

गुजरात सरकार कांग्रेस की आपत्तियों की अनदेखी करके इस साल अक्टूबर में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में अनिवार्य मतदान लागू करने का पूरा मन बना चुकी है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के इस कदम को असंवैधानिक बताया है।
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